
Sumitra Mahajan- पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के एक मजाक से राजनीतिक चर्चा छिड़ गई है। सीएम मोहन यादव से मिलने के बाद शनिवार को उन्होंने मीडिया से सिर्फ इतना कहा था कि वे नौकरी मांगने आई थीं। इसके बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई, क्योंकि लोकसभा अध्यक्ष पद से हटने के बाद से वे इंदौर में रह रही हैं और सक्रिय राजनीति से एक तरह से किनारे चल रही हैं। वे फिलहाल भाजपा में कोई विशेष पद पर भी नहीं हैं।
इंदौर के रेसिडेंसी कोठी में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव (MP CM Dr Mohan Yadav) आए थे। उनसे मिलने के लिए पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन आई थी। जब मीडिया से उनकी बातचीत हुई और मीडिया ने उनसे सवाल पूछा तो सुमित्रा महाजन ने मजाकिया लहजे में कह दिया - हां नौकरी मांगने आई थी। ताई के इस एक जवाब के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई है। इंदौर से लगातार 8 बार सांसद रहीं सुमित्रा महाजन लोकसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। इसके बाद से वे काफी समय से इंदौर में ही रह रही हैं और सक्रिय राजनीति से दूर हो गई हैं।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने शनिवार को संबंधित अधिकारियों से मुलाकात की, ताकि 'अहिल्या मेमोरियल' और रुके हुए 'कला संकुल' प्रोजेक्ट के बचे हुए काम को जल्द पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा, “कलाकारों के लिए हमारे ट्रस्ट द्वारा बनाए जा रहे 'कला संकुल' का काम रुक गया है। यह काम 'स्मार्ट सिटी' प्रोजेक्ट के तहत हो रहा था, लेकिन फंड खत्म हो जाने की वजह से यह अधूरा रह गया है। मैंने सरकार से जरूरी फंड उपलब्ध कराने का आग्रह किया है, ताकि हम इसे पूरा कर सकें…”
इससे पहले जुलाई 2026 में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन रेलवे बोर्ड से नाराज हो गई थी। उन्होंने रेलवे बोर्ड को पत्र लिखा थ और प्रधानमंत्री का भी जिक्र किया था। ताई ने अपने पत्र में पश्चिम रेलवे की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटित MEMU सेवा का रैक इंदौर शहर से छीन लिया। इसके बदले इंदौर को दोयम दर्जे का समझकर भगार में डालने लायक DEMU रैक दिया गया। जो कभी भी रास्ते में खड़े हो जाते हैं। इसके अलावा इंदौर-पुणे यात्री गाड़ी लंबे समय से बंद होने को लेकर भी उन्होंने नाराजगी व्यक्त की थी।