इससे पैसा वापस मशीन में जाने के बजाए उसमें फंस जाता था.....
इंदौर। एटीएम से छेड़छाड़ कर रुपए निकालने वाले गिरोह की करतूत पुलिस ने उजागर की है। उत्तरप्रदेश के इस गिरोह एटीएम में चिमटेनुमा उपकरण का इस्तेमाल कर तीन महीने में पांच राज्यों के 19 से ज्यादा शहर में सौ से ज्यादा वारदातें की हैं।
बदमाश एटीएम में कार्ड डालकर 10 हजार रुपए निकालने के प्रक्रिया करते थे और फिर ऐन वक्त पर प्रक्रिया रद्द कर देते। इससे पहले वे कैश बॉक्स में चिमटेनुमा उपकरण फंसा देते थे, इससे पैसा वापस मशीन में जाने के बजाए उसमें फंस जाता था। रेकॉर्ड में पैसा वापस अकाउंट में जमा होता, लेकिन वह आरोपियों के उपकरण में फंस जाता था, जिसे वे निकाल लेते थे।
क्या है मामला
परदेशीपुरा क्षेत्र में चिमटेनुमा उपकरण का इस्तेमाल कर रुपए निकालने वाले प्रतापगढ़, यूपी के तीन आरोपी बजरंग, मनीष औ मेहबूब को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपियों से 50 हजा रुपए और एटीएम कार्ड मिले थे। दो दिन में आरोपियों ने 10-12 एटीएम में वारदात की थी। हीरानगर पुलिस ने जितेंद्र उप धीरू सोमवंशी, दीपक उर्फ फतेह बहादुर सिंह निवासी प्रतापगढ़ को भी इसी तरह की वारदात करते पकड़ा था। इन्हीं की निशानदेहं पर खुलासा हुआ है।
इन शहरों में वारदात
क्राइम ब्रांच एएसपी गुरुप्रसाद पाराशर के मुताबिक, आरोपियों के पास छह एटीएम कार्ड मिले। इनका बैंकों से रेकॉर्ड निकाला। रिपोर्ट मिलने पर पता चला कि इन्होंने इंदौर के साथ विदिशा, सागर, भिंड, जबलपुर, रीवा, सतना, छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, भिलाई, अबिकापुरी, यूपी के प्रयागराज, कोशंबी, कानपुर, बनारस, पंजाब के चंडीगढ़, अमृतसर, गुजरात के सूरत, अहमदाबाद में वारदात की। सूरत व प्रयागराज में मुख्य आरोपी बजरंग गिरफ्तार भी हो चुका है।
12 साथियों की तलाश
बैंक रिकॉर्ड से पता चला कि इन पांच राज्यों में करीब 100 एटीएम से घोखाधड़ी कर आरोपियों ने 10-10 हजार रुपए कर लाखों रुपए निकाले हैं। पकड़े गए आरोपियों ने बिहार के बदमाशों से चिमटेनुमा उपकरण हासिल किए थे। पूछताछ में इनके करीब 12 साथियों का पता चला है, जो अलग-अलग राज्यों की वारदातों में इनके साथ शामिल हैं।