जयपुर

Jaipur : पुलवामा हमले के नाम पर लाखों का फ्रॉड, केस दर्ज

पुलिस की सलाह है कि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, एसटीएफ या अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर फोन पर डराए तो घबराकर पैसे ट्रांसफर न करें। अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी या अन्य गोपनीय विवरण साझा करने से बचें।
2 min read
• •
Oct 15, 2026
Cyber ​​Crime
ऑनलाइन ठगी (photo Patrika)

राजधानी जयपुर में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। चौमूं में एक व्यक्ति को पुलवामा हमले के नाम पर डराकर 2 लाख 70 हजार रुपए ठगने का मामला दर्ज हुआ है। आरोपी ने खुद को एसटीएफ अधिकारी बताया और पीड़ित को कहा कि पुलवामा हमले में उसके नाम से किसी अन्य व्यक्ति ने फर्जी सिम का इस्तेमाल किया है। वहीं, करधनी थाना क्षेत्र में एक अन्य व्यक्ति से 3 लाख 6 हजार 925 रुपए की साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने दोनों मामलों में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एसटीएफ अधिकारी बनकर दी कार्रवाई की धमकी

चौमूं थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, पुरोहितों का मोहल्ला निवासी संतोष कुमार सिकलीगर के साथ अज्ञात व्यक्ति ने धोखाधड़ी की। आरोपी ने खुद को एसटीएफ अधिकारी बताकर पीड़ित को पुलवामा हमले से जुड़े मामले में फंसने का डर दिखाया। उसने कहा कि उसके नाम से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा फर्जी सिम का इस्तेमाल किया गया है। इस तरह डराकर आरोपी ने पीड़ित से 2 लाख 70 हजार रुपए हड़प लिए। पुलिस ने 14 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में आरोपी की पहचान और ठगी के तरीके की जांच की जा रही है।

दूसरे मामले में 3.06 लाख रुपए की साइबर ठगी

करधनी थाने में दर्ज दूसरे मामले में विनायक एन्क्लेव, कालवाड़ रोड निवासी 53 वर्षीय जयदेव सिंह चरण के साथ 3 लाख 6 हजार 925 रुपए की साइबर धोखाधड़ी हुई। परिवादी की ऑनलाइन शिकायत साइबर थाने से करधनी थाने को भेजी गई, जिसके बाद 13 अक्टूबर को मामला दर्ज किया गया। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

अनजान कॉल पर न करें भरोसा

दोनों मामले साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों की ओर इशारा करते हैं। पुलिस की सलाह है कि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, एसटीएफ या अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर फोन पर डराए तो घबराकर पैसे ट्रांसफर न करें। अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी या अन्य गोपनीय विवरण साझा करने से बचें। किसी भी संदिग्ध कॉल की पुष्टि संबंधित थाने या आधिकारिक माध्यम से करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

Updated on:
15 Oct 2026 11:39 am
Published on:
15 Oct 2026 11:39 am