जयपुर

Rajasthan Politics: मदन राठौड़ के पा​किस्तान वाले बयान पर भड़के अशोक गहलोत, दे डाली ये नसीहत

अशोक गहलोत ने कहा कि मदन राठौड़ को बिना किसी किंतु-परंतु के ईमानदारी से अपनी गलती स्वीकार करते हुए स्पष्ट रूप से खेद जताना चाहिए। उन्हें माफी मांगते हुए यह स्वीकार करना चाहिए कि उन्होंने ऐसी बात कही है, जो उन्हें नहीं कहनी चाहिए थी।
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Oct 18, 2026
Ashok Gehlot-Madan Rathore
अशोक गहलोत और मदन राठौड़। पत्रिका फाइल फोटो

जयपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के पाकिस्तान वाले बयान पर राजस्थान में सियासत गरमाई हुई है। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मदन राठौड़ पर तीखा हमला बोलते हुए सफाई देने की जगह माफी मांगने की नसीहत दी। अशोक गहलोत ने कहा कि मदन राठौड़ को बिना किसी किंतु-परंतु के ईमानदारी से अपनी गलती स्वीकार करते हुए स्पष्ट रूप से खेद जताना चाहिए। उन्हें माफी मांगते हुए यह स्वीकार करना चाहिए कि उन्होंने ऐसी बात कही है, जो उन्हें नहीं कहनी चाहिए थी। लेकिन वे मीडिया के सामने जितनी ज्यादा सफाई दे रहे हैं, उतना ही अपने लिए मुश्किलें बढ़ाते जा रहे हैं।

अशोक गहलोत ने कहा कि वे कह सकते हैं कि बयान देते समय संदर्भ या परिस्थितियां अलग थीं अथवा उनके कहने का आशय वह नहीं था, जो जनता समझ रही है। लेकिन इससे हकीकत नहीं बदल जाती। भारत के साथ पाकिस्तान का इतिहास काले अध्यायों से भरा है, ऐसे में लोग उसे कैसे भूल सकते हैं? पाकिस्तान का जिक्र होते ही जनता में तीखी प्रतिक्रिया होती है। जब तक मदन राठौड़ स्पष्ट रूप से माफी मांगकर जनता के सामने अपना पक्ष नहीं रखते, तब तक भाजपा के लिए इस नाराजगी को संभालना मुश्किल होगा।

मदन राठौड़ के बयान पर क्यों गरमाई सियासत?

दरअसल, जयपुर में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाषण देते हुए मदन राठौड़ के एक बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें वे यह कहते हुए नजर आ रहे है कि यदि आज अमेरिका और पाकिस्तान के बीच युद्ध होता है तो हम पाकिस्तान के साथ हैं, क्योंकि वह हमारा पड़ोसी है। हालांकि, उन्होंने तुरंत यह भी जोड़ा था कि यदि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध होगा तो हम पूरी तरह भारत के साथ खड़े हैं। इस बयान के बाद से राजस्थान में सियसयत गरमाई हुई है।

कांग्रेस लगातार मदन राठौड़ पर हमला बोल रही है। हालांकि, मदन राठौड़ ने मीडिया से बातचीत में ऐसे किसी तरह बयान से इनकार कर दिया। राठौड़ ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने कोई गलत बात नहीं कही, इसलिए माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। 40 मिनट के भाषण में से केवल छह सेकंड का अंश निकालकर उसका गलत अर्थ निकाला जा रहा है। सही अर्थ समझने के लिए पूरा भाषण सुनना जरूरी है।