जयपुर

जिंदगी को चंदन जैसी सुगंधित बनाना हमारे हाथों में : आचार्य

Aug 12, 2026
Rajasthan

चेन्नई. हैदराबाद के त्रयनगर स्थित कारवान दादावाड़ी में चातुर्मासार्थ विराजित आचार्य जिनमणिप्रभ सूरीश्वर ने मंगलवार को जीवन की सार्थकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा यह जीवन अनमोल है, हमारी सांसें और हमारी आंंखें भी अनमोल हैं। पंचेंद्रिय जीवन के साथ बुद्धि, प्रतिभा और योग्यता प्राप्त होना मानव भव का विशेष अवसर है, जिसे सही दिशा देना आवश्यक है।
उन्होंने चंदन और कोयले का उदाहरण देते हुए कहा हमारे हाथ में है कि हम अपनी जिंदगी को कोयले जैसी काली बनाना चाहते हैं या चंदन जैसी सुगंधित। परिस्थितियां चाहे जैसी हों, जीवन को किस दिशा में ले जाना है, यह हमारे विवेक पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा आंखों, वाणी और कानों पर चौकीदार होना चाहिए और इन सबका सबसे बड़ा पहरेदार विवेक है। विवेक को जीवन का प्रहरी बनाकर ही हम आर्ट ऑफ लिविंग सीख सकते हैं और जीवन को मधुर एवं आनंदमय बना सकते हैं।
गुरुदेव ने कहा यदि हम चाहते हैं कि हमारा जीवन माधुर्य रस से परिपूर्ण हो, तो हमें अपने विचारों, वाणी और व्यवहार में भी माधुर्य भरना होगा। जिस प्रकार चंदन स्वयं सुगंधित रहता है और अपने वातावरण को भी सुगंधित करता है, उसी प्रकार मनुष्य को भी अपने जीवन को ऐसा बनाना चाहिए कि उसके विचार और व्यवहार समाज में सकारात्मकता और मधुरता का संचार करें।

Updated on:
12 Aug 2026 06:00 am
Published on:
12 Aug 2026 06:00 am