
आणंद. शहर के राजोड़पुरा क्षेत्र में भूमिगत सीवर सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर अलग-अलग सोसाइटियों के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक हजार पोस्टकार्ड लिखकर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। आणंद शहर से सटे राजोड़पुरा क्षेत्र की सीमा चिखोदरा और वघासी गांव से मिलती है। हालांकि, आजादी के सात दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी राजोड़पुरा में भूमिगत सीवर योजना की सुविधा उपलब्ध नहीं है। आसपास की सोसाइटियों के लोगों द्वारा राजोड़पुरा तालाब में नालियों का पानी छोड़े जाने के कारण यह पूरे वर्ष बदबूदार और दूषित गंदे पानी से भरा रहता है।
बरसात के मौसम में तालाब के ओवरफ्लो होने के कारण इसका पानी मार्ग पर फैल जाता है। इतना ही नहीं, सोसाइटियों में भी तालाब का पानी लोगों के घरों में घुस जाता है और कई दिनों तक नहीं उतरता। इस कारण स्थानीय निवासियों, स्थानीय नौकरीपेशा और व्यापारी, स्कूली बच्चों के लिए सोसाइटी से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। लोगों को पानी में होकर आवागमन करना पड़ता है।
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Bदुर्घटनाओं को रोकने ब्लैक स्पॉट घोषित करेंB
लोगों ने राजोड़पुरा तालाब के पानी को ओवरफ्लो होने से रोकने के लिए एक उचित प्रोजेक्ट तैयार करने की मांग की है। साथ ही राजोड़पुरा ओवरब्रिज चौराहे के पास चारों दिशाओं से वाहनों की आवाजाही होने के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इस स्थान को ब्लैक स्पॉट घोषित करने की मांग की गई है।
इस संबंध में स्थानीय वकील दीक्षित चौहान ने कहा कि इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए राजोड़पुरा तालाब के आसपास स्थित सोसाइटियों के लोग एकत्र हुए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक हजार पोस्टकार्ड लिखकर अपनी व्यथा व्यक्त की। उन्होंने प्रधानमंत्री से उनकी समस्याओं के समाधान के लिए उचित निर्देश जारी करने की भी मांग की। चिखोदरा ग्राम पंचायत और आणंद महानगरपालिका एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। इन दोनों के बीच यहां के लोग परेशान हो रहे हैं। इसलिए उन्होंने इस समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की है।
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