
राजस्थान के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर 30 साल पुरानी एक दुर्लभ 'थ्रोबैक तस्वीर' शेयर की है। वर्ष 1995 की यह ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर बीकानेर जिले की ऐतिहासिक कोलायत तहसील स्थित बीकमपुर गांव की है। इस तस्वीर में मुख्य सचिव वी श्रीनिवास के साथ राजस्थान कैडर के दो बेहद प्रतिष्ठित सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी- पूर्व मुख्य सचिव सीएस राजन और पूर्व केंद्रीय कृषि सचिव आशीष बहुगुणा नजर आ रहे हैं। ये दोनों ही दिग्गज पूर्व अधिकारी 1978 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस रहे हैं।
मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने इस 30 साल पुरानी तस्वीर को शेयर करते हुए अपने शुरुआती प्रशासनिक दिनों को याद किया और लिखा, "यह 1995 की तस्वीर बीकमपुर की IGNP (इंदिरा गांधी नहर परियोजना) कॉलोनी की है—इसमें मेरे साथ वरिष्ठ और सम्मानित सहकर्मी श्री सीएस राजन और श्री आशीष बहुगुणा नज़र आ रहे हैं। IAS में मेरा पहला दशक पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी ज़िलों में बीता।" इस पोस्ट के सामने आते ही सिविल सेवा से जुड़े अधिकारियों और आम नागरिकों के बीच इस दौर के संस्मरणों की काफी चर्चा होने लगी है।
यह तस्वीर पश्चिमी राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के निर्माण और विस्तार के उस दौर की याद दिलाती है, जब राज्य के वरिष्ठ अधिकारी विषम भौगोलिक परिस्थितियों और भीषण गर्मी के बीच थार रेगिस्तान के सुदूर ग्रामीण इलाकों में तैनात रहकर विकास कार्यों की कमान संभालते थे। बीकानेर जिले का बीकमपुर क्षेत्र उस समय नहर निर्माण और सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास का एक प्रमुख केंद्र था।
मुख्य सचिव द्वारा शेयर की गई इस फोटो में तीनों अधिकारी बहुत ही सादगी भरे अंदाज में नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट के जरिए वी श्रीनिवास ने युवा प्रशासनिक अधिकारियों को यह संदेश भी दिया है कि कैसे करियर के शुरुआती दिनों में कठोर परिस्थितियों में काम करने का अनुभव पूरे सेवा काल के दौरान मार्गदर्शन करता है।
राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 1995 के दौरान वे दो अलग-अलग पदों पर और दो अलग-अलग शहरों में तैनात रहे थे। इस साल के शुरुआती भाग में, यानी 16 अगस्त 1993 से 24 अगस्त 1995 तक, वे उप-विभागीय प्रशासन के तहत भूमि राजस्व प्रबंधन एवं जिला प्रशासन विभाग में एस.डी.ओ (SDO - Sub Divisional Officer) के पद पर कार्यरत थे।
इसके बाद वर्ष 1995 के उत्तरार्ध भाग में उनका स्थानांतरण हो गया। वे 28 अगस्त 1995 से 3 जनवरी 1998 तक कमान क्षेत्र विकास विभाग (Command Area Development Deptt.) में इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के तहत अतिरिक्त आयुक्त (Additional Commissioner) के पद पर तैनात रहे, जहां उनका पोस्टिंग स्थान बीकानेर था।
इस प्रकार, वर्ष 1995 के मध्य में उनका प्रमोशन और तबादला हुआ, जिसके बाद उन्होंने बीकानेर में इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अतिरिक्त आयुक्त के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभाली थी।
सीएस राजन 1978 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी रहे जो राजस्थान के मुख्य सचिव भी रह चुके हैं। वे संकट में फंसी बुनियादी ढांचा कंपनी IL&FS के प्रबंध निदेशक (MD) और चेयरमैन भी रह चुके हैं, जहां उन्होंने कंपनी के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
जानकारी के अनुसार वर्तमान में सीएस राजन कोटक महिंद्रा बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन के पद पर कार्यरत हैं। हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने उनकी इस पद पर पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी है, जिसके तहत उनका नया कार्यकाल 1 जनवरी 2026 से शुरू होकर 21 अक्टूबर 2027 तक रहेगा।
इसी तरह से आशीष बहुगुणा भी 1978 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। अपने प्रशासनिक करियर के दौरान वे भारत सरकार के कृषि सचिव जैसे बेहद महत्वपूर्ण पद पर रहे हैं। इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा उन्हें भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। चर्चित 'मैगी' विवाद के समय वे FSSAI के प्रमुख के रूप में काफी चर्चा में रहे थे।
फिलहाल आशीष बहुगुणा FSSAI के चेयरमैन पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सरकारी और नियामक भूमिकाओं से पूरी तरह निवृत्त होने के बाद वे वर्तमान में विभिन्न कृषि व खाद्य संगठनों में सलाहकार या स्वतंत्र विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं।