
Prof Ashutosh Pareek - File Pic
वनस्थली विद्यापीठ के फार्मेसी विभाग के प्रो. आशुतोष पारीक को वर्ष 2026 की विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के शोध-आधारित आंकड़ों पर तैयार और एल्सेवियर की ओर से प्रकाशित इस सूची में फार्माकोलॉजी एवं फार्मेसी क्षेत्र में उन्होंने वैश्विक स्तर पर 1,66,116 शोधकर्ताओं में 2403वीं रैंक हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ वे दुनिया के शीर्ष 1.45 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल हो गए हैं।
भारत में इस क्षेत्र के सूचीबद्ध 371 शोधकर्ताओं में शोधपत्रों पर प्राप्त बाहरी उद्धरणों के आधार पर प्रो. पारीक शीर्ष 45 में शामिल हैं। राजस्थान के 20 चयनित वैज्ञानिकों में भी उन्होंने स्थान बनाया है। प्रति शोधपत्र 9.02 गैर-स्व-उद्धरण के आधार पर वे प्रदेश के शीर्ष पांच वैज्ञानिकों में शामिल हैं।
करीब 18 वर्षों से औषधि विज्ञान, उच्च शिक्षा और अनुसंधान से जुड़े प्रो. पारीक के प्रमुख शोध क्षेत्रों में अस्थमा के लिए नवीन औषधि-वितरण प्रणालियां, न्यूरोफार्माकोलॉजी और कैंसर उपचार शामिल हैं।
उनके शोध प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं, जिनमें 'द लैंसेट' भी शामिल है। उन्हें प्रो. एमएल श्रॉफ मेमोरियल नेशनल अवार्ड, आईपीजीए यंग साइंटिस्ट अवार्ड सहित कई सम्मान मिल चुके हैं।
वनस्थली. वनस्थली विद्यापीठ के भौतिकी विभाग में कार्यरत प्रो. परवेज अहमद अल्वी को वर्ष 2026 के दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है। यह सूची स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और शैक्षणिक प्रकाशक एल्सेवियर की ओर से जारी की गई है। प्रो. अल्वी ने सिंगल ईयर और करियर लॉन्ग, दोनों श्रेणियों में स्थान हासिल किया है। वे वर्ष 2021, 2023, 2024 और 2026 में भी इस सूची में शामिल हो चुके हैं। प्रो. अल्वी का शोध क्षेत्र फिजिक्स एंड एस्ट्रोनॉमी तथा उपक्षेत्र एप्लाइड फिजिक्स है।
वर्ष 2026 की सिंगल ईयर श्रेणी में उनकी वैश्विक रैंक 1,12,416 रही, जबकि संबंधित उपक्षेत्र में रैंक 2,014 दर्ज की गई। इस श्रेणी में उनका एच-इंडेक्स 20 और एचएम-इंडेक्स 8 रहा। करियर लॉन्ग श्रेणी में उनकी वैश्विक रैंक 4,35,762 और संबंधित उपक्षेत्र में रैंक 11,906 रही।
इस श्रेणी में उनका एच-इंडेक्स 38 तथा एचएम-इंडेक्स 17 दर्ज किया गया। प्रो. अल्वी ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से एमएससी, एमफिल और पीएचडी की उपाधियां प्राप्त की हैं। उन्हें विदेश में विजिटिंग प्रोफेसर पद के लिए भी आमंत्रित किया गया है। उनकी उपलब्धि को विद्यापीठ में शोध और वैज्ञानिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Updated on:
16 Oct 2026 03:02 pm
Published on:
16 Oct 2026 03:02 pm
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