राजस्थान में सक्रिय नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से बीते 24 घंटे के दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। कहीं-कहीं पर हल्के से मध्यम कोहरा भी दर्ज किया गया। शनिवार को जयपुर, अजमेर में बारिश हुई व अन्य जिलों में हल्की बूंदाबांदी रही।
जयपुर। राजस्थान में सक्रिय नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से बीते 24 घंटे के दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। कहीं-कहीं पर हल्के से मध्यम कोहरा भी दर्ज किया गया। शनिवार को जयपुर, अजमेर में बारिश हुई व अन्य जिलों में हल्की बूंदाबांदी रही। वहीं उत्तरी हवा कमजोर रहने से न्यूनतम और दिन में तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हुई। जयपुर के सांभर उपखंड सहित जोबनेर, ड्योढी व आसपास के ग्रामीण इलाकों में शाम करीब साढ़े सात बजे आसमान में तेज गर्जना के साथ काली घटाएं छा गईं और कुछ ही देर बाद तेज बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई।
श्रीगंगानगर का तापमान 7.3, बीकानेर का 8.4, जैसलमेर का 9.2, अलवर का 7, जयपुर का 12.7, पिलानी का 8.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। बीते 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश वनस्थली (टोंक) में 2.1 एमएम बारिश दर्ज की गई।
जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से रविवार को जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर संभाग तथा शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में बादल छाए रहने व मेघगर्जन, आकाशीय बिजली के साथ कुछ भागों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की भी संभावना है।
जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक एक और नया पश्चिमी विक्षोभ दो फरवरी को सक्रिय होने की प्रबल संभावना है। पूर्वी राजस्थान के कोटा, जयपुर, अजमेर व भरतपुर संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन के साथ हल्की मध्यम बारिश की गतिविधियां तीन और चार फरवरी को भी जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।
जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि बीते साल के मुकाबले इस साल जनवरी माह में बीते साल के मुकाबले सामान्य से कुछ जगहों पर अधिक रही। चार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुए है। दक्षिणी राजस्थान को छोड़कर अन्य जगहों पर सामान्य से अधिक मावठ की बारिश दर्ज की गई। तापमान दो से चार दिन शेखावटी क्षेत्र में माइनस और जीरो डिग्री में दर्ज किया गया। कोहरा भी ज्यादा दर्ज हुआ। रबी की फसलों के हिसाब से मौसम अनुकूल रहा। फरवरी की शुरुआत में कुछ जगहों पर लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेंगे। फरवरी के आखिरी दो सप्ताह में तापमान में बढ़ोतरी होगी। 15 फरवरी तक सर्दी का असर रहेगा।