महाराणा प्रताप की 482वीं जयंती जवाहर कला केन्द्र में घूम धाम से मनाई गई। यहां शाम को आयोजित कवि सम्मेलन से पहले केन्द्र परिसर में शहर की एक दर्जन से भी अधिक महिलाओं ने कैनवास पर अपने.अपने अंदाज में महाराणा प्रताप का अक्स उकेर कर उन्हें अनूठे अंदाज में श्रद्धांजलि दी।
जेकेके में महिलाओं ने कैनवास पर उकेरा महाराणा प्रताप का अक्स
.महाराणा प्रताप की 482वीं जयंती के मौके पर आयोजित हुई सजीव चित्रण प्रतियोगिता
.तीन अव्वल रही पेटिंग्स को दिए गए पांच.पांच हजार रुपए के नकद इनाम
जयपुर। महाराणा प्रताप की 482वीं जयंती जवाहर कला केन्द्र में घूम धाम से मनाई गई। यहां शाम को आयोजित कवि सम्मेलन से पहले केन्द्र परिसर में शहर की एक दर्जन से भी अधिक महिलाओं ने कैनवास पर अपने.अपने अंदाज में महाराणा प्रताप का अक्स उकेर कर उन्हें अनूठे अंदाज में श्रद्धांजलि दी। मौका था आजादी के अमृत महोत्सव के तहत राजस्थान ललित कला अकादमी, विनीता आटर्स और स्काईहॉक की ओर से आयोजित सजीव चित्रण प्रतियोगिता का। ये आयोजन महाराणा प्रताप को समर्पित था इसलिए सभी महिला कलाकारों ने कैनवास पर प्रताप की विभिन्न मुद्राओं को उकेरा। अंत में प्रथम तीन प्रतियोगियों सरोज सेठ, शीला पुरोहित और दरिया राठौड़ की कलाकृतियों को पांच.पांच हजार रुपए का नकद इनाम दिया गया। निर्णायक समिति में भारत सेवा संस्थान के सचिव गिरधारी सिंह बापना, शांति अहिंसा निदेशालय के डायरेक्टर मनीष शर्मा और कला समीक्षक सर्वेश भट्ट थे।
' रीइमेजनिंग द एमएसएमई ग्रोथ स्टोरी इन राजस्थान' विषय पर एमएसएमई समिट आज
ए न्यू पैराडाइम एफआईटीई एंड इंटिग्रेटिंग एमएसएमई विथ ग्लोबल वैल्यू चेन पर प्लैनेरी सेशंस
जयपुर।
फिक्की राजस्थान स्टेट काउंसिल की ओर से को राजस्थान एमएसएमई समिट के 5वें संस्करण का आयोजन शुक्रवार सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सिटी के एक होटल में किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन 'रीइमेजनिंग द एमएसएमई ग्रोथ स्टोरी इन राजस्थान' विषय पर होगा। फिक्की के राजस्थान स्टेट काउंसिल के हेड अतुल शर्मा ने बताया कि माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज न केवल बड़े रोजगार के अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के औद्योगीकरण में भी मदद करते हैं, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन को कम और राष्ट्रीय आय और धन का अधिक न्यायोचित वितरण सुनिश्चित किया जा सकता है। जबकि एमएसएमई को उनकी उद्यमशीलता की भावना और ऊर्जा के लिए सराहा जाता है। उनके पास नई तकनीकों, पूंजी और नवीन विपणन रणनीतियों तक आसान पहुंच होती है। यदि राष्ट्र को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होने के अपने सपने को साकार करना है, तो एमएसएमई क्षेत्र को अपने विकास से अधिक बेहतर प्रदर्शन करना होगा और साथ ही जीडीपी और एक्सपोर्ट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ानी होगी। राज्य सरकार ने राजस्थान में एमएसएमई क्षेत्र के विकास को उत्प्रेरित करने के लिए कई महत्वपूर्ण नीति और प्रक्रियात्मक सुधार किए हैं। उद्घाटन सत्र को राजस्थान लघु उद्योग निगम चेयरमैन राजीव अरोड़ा, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी.उद्योग वीनू गुप्ता और उद्योग विभाग के आयुक्त महेंद्र कुमार पारेख संबोधित करेंगे। उद्घाटन सत्र के बाद ए न्यू पैराडाइम एफआईटीई. फाइनेंसिंग, इनोवेशन, टेक्नोलॉजी एंड एंटरपैन्योरशिप और इंटिग्रेटिंग एमएसएमई विथ ग्लोबल वैल्यू चेन ्वषयों पर दो प्लैनेरी सेशंस आयोजित होंगे।