जैसलमेर जिले के देगराय ओरण क्षेत्र और उसके आसपास के इलाकों में गत दिनों के दौरान मृत मिले कुरजां पक्षियों में बर्ड फ्लू पाए जाने के बाद राज्य पक्षी और दुर्लभ गोडावण को इस संक्रमण से बचाए रखने के लिए डीएनपी क्षेत्र में वन विभाग की तरफ से कई एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
जैसलमेर जिले के देगराय ओरण क्षेत्र और उसके आसपास के इलाकों में गत दिनों के दौरान मृत मिले कुरजां पक्षियों में बर्ड फ्लू पाए जाने के बाद राज्य पक्षी और दुर्लभ गोडावण को इस संक्रमण से बचाए रखने के लिए डीएनपी क्षेत्र में वन विभाग की तरफ से कई एहतियाती कदम उठाए गए हैं। इसके अंतर्गत गोडावण के विचरण के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण क्लोजर क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पाबंदी लगाई गई है। इन क्लोजर्स में केवल वन विभाग के कार्मिक और डब्ल्यूआइ के लोग ही आवाजाही कर सकेंगे। डीएनपी के उप वन संरक्षक डॉ. आशीष व्यास ने पत्रिका को बताया कि इसी तरह से जिले में गोडावण के दोनों ब्रीडिंग सेंटर्स में भी कोई भी बाहरी व्यक्ति प्रवेश नहीं कर सकता। विभागीय कार्मिकों को डीएनपी के महत्वपूर्ण स्थानों, पक्षियों के पानी पीने के स्थलों आदि पर सुबह-शाम गश्त करने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कार्मिकों से कहा गया है कि जहां कहीं पक्षी मृत मिले तो इस बारे में तुरंत पशुपालन विभाग को सूचित किया जाए।
प्रवासी कुरजा पक्षियों के शवों के बर्ड फ्लू से संक्रमित पाए जाने की सूचना के बाद हरकत में आए प्रशासन व संबंधित विभागों की तरफ से काम में लाए जा हरे ऐहतियाती प्रबंधों के बीच गुरुवार को 2 और कुरजां के शव बरामद किए गए। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. उमेश वरंगटिवार ने बताया कि देगराय ओरण क्षेत्र में ही गुरुवार को 2 और कुरजां पक्षियों के शव बरामद किए गए। जिनका निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार निस्तारण किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सभी संबंधित विभागों की तरफ से पूरी चौकसी बरती जा रही है। गौरतलब है कि जिले में पिछले दिनों के दौरान मृत कुरजां (डेमोइसेल क्रेन) पक्षियों की मौत बर्ड फ्लू संक्रमण से होने की पुष्टि भोपाल स्थित लैब में हुई थी। अब तक अलग-अलग दिनों में कुल 15 कुरजा पक्षी मृत मिले हैं।