
जैसलमेर. स्वर्णनगरी का 871वां स्थापना दिवस सोमवार को पारंपरिक व धार्मिक आयोजनों और उत्साह के साथ मनाया गया। पूर्व राजपरिवार की ओर से राजमहल में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व राजघराने के सदस्य चैतन्यराजसिंह ने कुलदेवी मां स्वांगिया की पूजा-अर्चना की और जैसलमेर के चहुंमुखी विकास, सुख और समृद्धि की मंगल कामना की। स्वांगिया चौक में महारावल जैसलदेव की पूजा और यज्ञ पूजन हुआ। स्थापना दिवस के अवसर पर राजमहल की छत पर स्थित ध्वज का विधिवत ध्वजारोहण किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान पूर्व राजपरिवार से जुड़े सदस्य और शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे। स्थापना दिवस को लेकर राजमहल परिसर में सुबह से ही उत्सव का माहौल रहा। पूर्व राजघराने के चैतन्यराजसिंह ने कुलदेवी मां स्वांगिया की पूजा-अर्चना कर जैसलमेर की खुशहाली और चहुंमुखी विकास की कामना की। इसके बाद स्वांगिया चौक में महारावल जैसलदेव की पूजा की गई। यज्ञ पूजन के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। कार्यक्रम के दौरान जैसलमेरवासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी गईं। सभी के सुख, समृद्धि और विकास की मंगल कामना की गई।
स्थापना दिवस कार्यक्रम के तहत राजमहल की छत पर स्थित ध्वज का ध्वजारोहण किया गया। राजपरिवार की परंपराओं से जुड़े इस आयोजन को देखने के लिए लोगों में उत्साह रहा। ऐतिहासिक राजमहल परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ स्थापना दिवस का माहौल जीवंत नजर आया। कार्यक्रम में पूर्व राजघराने के केसरीसिंह नाचना, तेजवीरसिंह नारायण बाग, सूर्यप्रकाश गोपा, मनीष श्रीपत, साबीर अली, दीपसिंह, अखेसिंह, नरपतसिंह, गंभीरसिंह और बनेसिंह सहित कई लोग मौजूद रहे। सोनार दुर्ग स्थित राजमहलात में स्थापना दिवस के अवसर पर महारावल जैसलदेव की पूजा.अर्चना सुबह 9:30 बजे शुरू हुई। शहर के विभिन्न हिस्सों से लोग राजमहलात पहुंचे और ऐतिहासिक परंपरा के साक्षी बने। गणमान्य लोगों की मौजूदगी से कार्यक्रम में काफी रौनक देखने को मिली।
मोहनगढ़. सावन मास के अंतिम सोमवार को मोहनगढ़ क्षेत्र शिव भक्ति में लीन रहा। सुबह से ही विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर दिन भर 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंजते रहे। कस्बे के जाबरेश्वर महादेव मंदिर, आरसीपी कॉलोनी स्थित महादेव मंदिर, 3 एमजीएम स्थित जंगलेश्वर महादेव मंदिर और बालेटा धाम स्थित महादेव मंदिर सहित अन्य शिवालयों में दर्शनार्थियों की कतारें लगी रहीं। मोहनगढ़ के साथ ही दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र व पुष्प अर्पित कर विधिवत पूजा की। महिलाओं ने भजनों की प्रस्तुतियां देकर वातावरण को भक्तिमय किया।