पोकरण क्षेत्र में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि व शहीद दिवस मनाया गया। कस्बे के गांधी चौक में नगरपालिका अध्यक्ष मनीष पुरोहित, सहायक राजस्व निरीक्षक रामस्वरूप गुचिया, रतन वाल्मीकि, मनोहर जोशी आदि ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए।
पोकरण क्षेत्र में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि व शहीद दिवस मनाया गया। कस्बे के गांधी चौक में नगरपालिका अध्यक्ष मनीष पुरोहित, सहायक राजस्व निरीक्षक रामस्वरूप गुचिया, रतन वाल्मीकि, मनोहर जोशी आदि ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए। इसके साथ ही दो मिनट का मौन रखकर गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसी तरह क्षेत्र के सांकड़ा में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्थित गांधी मैदान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि शहीद दिवस के रूप में मनाई गई।
इस मौके पर राष्ट्रपिता गांधी की प्रतिमा और शहीद सूबेदार रायअली खां ऊजला, शहीद फतेह खां सांकड़ा, अगरसिंह भैंसड़ा, उत्तमसिंह मेहराजोत, किशोरसिंह विरमदेवरा, उदयसिंह सोढ़ा धायसर, रमणलाल रामगढ़, कानसिंह सोलंकी, अर्जुनसिंह बडोड़ा गांव, सुखराम विश्नोई धोलिया, नरपतसिंह राठौड़ लोंगासर, राजेन्द्रसिंह मोहनगढ़, गुमानसिंह सोलंकी जोगा सहित शहीदों, स्वतंत्रता सेनानी गोविंदसिंह छायण, आत्माराम गर्ग की तस्वीर पर माल्यार्पण कर और दो मिनट का मौन रखकर देश के तमाम नाम गुमनाम शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए सर्वोदयी कार्यकर्ता मनोहर जोशी ने कहा कि भावीपीढ़ी को शहीदों के बताए त्याग, तपस्या, शौर्य व बलिदान के मार्ग पर चलकर राष्ट्र की एकता, अखंडता, लोकतंत्र की मजबूती, सीमाओं की रक्षा व सर्वस्व बलिदान करने के लिए हरसमय तैयार रहना चाहिए। उन्होंने गांधी के बताए सत्य व अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश में धर्म निरपेक्ष सिद्धांतों, सामाजिक समरसता, आपसी सद्भाव को मजबूत करने, राष्ट्र एवं लोकतंत्र की रक्षा के लिए सर्वस्व बलिदान करने का संकल्प दिलाया।
उन्होंने शेरे राजस्थान पूर्व मुख्यमंत्री जयनारायण व्यास की ओर से शुरू किए गए गांधी मेले व सांकड़ा में आयोजित होने वाले शहीद दिवस के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने भावीपीढ़ी से नशे की प्रवृति से दूर रहने की बात कही। इस मौके पर भोमसिंह सांकड़ा, गांधी दर्शन समिति सांकड़ा के संयोजक दीपक मेघवाल जैमला, उमर खिलजी सहित शिक्षक व विद्यार्थियों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। प्रधानाचार्य मेहराजसिंह राठौड़ ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन लूंबाराम ने किया। इससे पूर्व बापू के प्रिय भजन वैष्णव जन तो तेने कहिए… का गायन किया गया।