
जैसलमेर में पर्यटन सीजन इस समय चरम पर है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में सैलानी स्वर्णनगरी पहुंच रहे हैं। होटल, गेस्ट हाउस, होम-स्टे से लेकर सम के धोरों तक रौनक बनी हुई है। बढ़ती भीड़ के बीच शहर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। हाल ही में शहर में पार्किंग व्यवस्था में किए गए बदलाव के बाद अब प्रशासन ने जांच का दायरा सम क्षेत्र के रिसोट्र्स तक बढ़ा दिया है।
इस संबंध में जैसलमेर उपखंड अधिकारी सक्षम गोयल के निर्देशानुसार सम क्षेत्र के विभिन्न रिसोर्टों की सुरक्षा जांच के लिए गठित दल की ओर से जांच शुरू की गई है। सहायक निदेशक पर्यटन कमलेश्वरसिंह एवं तहसीलदार सम कालूराम की ने निरीक्षण के दौरान कैम्प व रिसोर्ट जाकर सुरक्षा मानकों की जांच की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। यह दल मुख्य रूप से फायर सेफ्टी के संसाधन, बिजली और जल की व्यवस्थित सरंचना, रिसोर्ट आने वाले देशी और विदेशी पर्यटको के पहचान पत्र एवं बुकिंग रजिस्टर चेक कर रहा है। सहायक निदेशक कमलेश्वरसिंह ने बताया कि टीम की ओर से आगामी दिनों में यह औचक जांच जारी रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले रिसोट्र्स संचालकों को गाइडलाइन जारी की गई थी, अब उसकी पालना की जा रही है या नहीं, इसकी जांच हो रही है।
गत दिनों के दौरान पर्यटन दबाव के मद्देनजर जिला प्रशासन, पुलिस और नगरपरिषद की संयुक्त टीमें सक्रियता दिखा रही हैं। उनकी ओर से हनुमान चौराहा, पुराना ग्रामीण बस स्टेंड, गांधी चौक आदि क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने से लेकर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के प्रयास किए गए हैं। वैसे अव्यवस्थित पार्किंग से लगने वाले जाम को रोकने के लिए नए पार्किंग प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं, वहीं नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की गई है। दूसरी तरफ अब भी गांधी चौक में शाम से लेकर रात के समय बड़ी संख्या में चार पहिया वाहनों को जमावड़ा लगा रहता है। ऐसे ही सदर बाजार, गोपा चौक आदि क्षेत्रों में दुपहिया वाहन ज्यादातर मार्ग रोक लेते हैं। जिससे आवाजाही करने में अन्य वाहन चालकों और राहगीरों तक को दिक्कतें पेश आती हैं।