जोधपुर

तीस सालों में भी प्रशासन को नजर नहीं आई गणेश कॉलोनी

-नहीं हो सका मूलभूत सुविधाओं का विकास-विकास कार्यों के श्रीगणेश के इंतजार में लोग
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Apr 01, 2018
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विकास कार्यों के श्रीगणेश के इंतजार में गणेश कॉलोनी के लोग



बासनी(जोधपुर).
पथरीली राहें, संकरी गलियां, फैक्ट्रियों सेे निकलता प्रदूषित धुआं, कुछ इस तरह के ही हालात हंै बासनी क्षेत्र में पूर्वी पाल विस्तार योजना के पास बसी नगर निगम के वार्ड 5 की गणेश कॉलोनी का। यहां के हालात देखकर हर किसी को तरस आ जाता होगा, लेकिन जेडीए व नगर निगम को तो बिल्कुल नहीं। क्योंकि शहर में विकास कार्यों के लिए जिम्मेदार किसी भी विभाग ने इस कॉलोनी में आकर लोगों की समस्याओं को जानने, समझने व समाधान करने का प्रयास ही नहीं किया। हैरानी की बात यह है कि तीस साल पूर्व बसी इस कॉलोनी के विकट हालात प्रशासन को नजर नहीं आए। इसी का नतीजा है कि अनगिनत शिकायतें, सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटकर भी जब कोई समाधान नहीं हो पाया तो यहां के लोगों ने थक-हारकर सिस्टम के विरुद्ध हार मान ली। यहां न तो टहलने के लिए पार्क है, न चलने के लिए सड़क और तो और रात के समय तो विद्युत पोल पर रोड लाइट भी ही नहीं है। पिछले लगभग तीस सालों से यहां रहने वाले लोगों को निगम व जेडीए से विकास कार्यों की उम्मीद थी, लेकिन अभी तक पूरी नहीं हो पाई। यहां रहने वाले लोगों को किस कदर कॉलोनी की उपेक्षा से परेशानियां हो रही है बासनी पत्रिका टीम ने जानने का प्रयास किया।

रोज चोटिल हो रहे लोग
कॉलोनी में प्रवेश करने वाले रास्तों की शुरुआत भी खतरनाक गड्ढों से होती है। सड़क नहीं होने से मार्ग में जगह-जगह इसी तरह के हालात हैं। जिससे यहां से आने-जाने वाले वाहन चालक आए दिन इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। गड्ढों की वजह से कमर, पीठ में दर्द जैसी समस्याओं से लोगों को जूझना पड़ रहा है।

नेताओं के आश्वासन पूरे होने का इंतजार
अपनी पीड़ा बताते हुए कॉलोनी के लोगों ने बताया कि सीवरेज लाइन नहीं होने की वजह से हो रही परेशानियों को देखते हुए कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधि व विधायक को अवगत करवाया गया। सभी ने समस्या का जल्द समाधान करने व सीवरेज लाइन बिछाने का आश्वासन दिया, लेकिन हकीकत में समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है।

शिकायत के बाद भी नहीं लग रही रोड लाइट
सड़क, सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं का सामना कर रहे लोगों की पीड़ा कम होने के बजाय बढ ही रही है। कॉलोनी में रोड लाइट नहीं होने से यहां रहने वाले लोगों को रात के समय समाजकंटकों का शिकार होना पड़ता है। खासतौर पर महिलाओं को रात के समय आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रोड लाइट लगाने के लिए लोगों ने कई बार नगर निगम, जेडीए व कलक्टर तक को शिकायत की, लेकिन फिर भी अंधेर में ही रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।

धड़ल्ले से चल रही अवैध रंगाई छपाई फैक्ट्रियां
नियमानुसार आवासीय क्षेत्र में किसी भी प्रकार की व्यवसायिक गतिविधियां संचालित नहीं हो सकती हैं, लेकिन यहां रहने वाले लोगों ने बताया कि कॉलोनी में धड़ल्ले से रंगाई-छपाई की फैक्ट्रियां चल रही हंै। जिनसे निकलने वाला प्रदूषित पानी भी सड़कों पर ही बहाया जा रहा है। वहीं फैक्ट्रियों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थ भी कॉलोनी में खाली पड़े भूखंडों व मार्ग किनारे ही डाला जा रहा है।

इनका कहना है-
सड़क, सीवरेज नहीं होने से विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी में विकास कार्य करवाने के लिए नगर निगम, जेडीए व कलक्टर कार्यालय तक के चक्कर काटे, लेकिन किसी भी विभाग से राहत नहीं मिली।
-राजेंद्र विश्नोई

निगम व जेडीए की ओर से शहर में विकास कार्यों के बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हमारी कॉलोनी की किसी भी विभाग को फिक्र नहीं है। समस्याओं का सामना करते पंद्रह वर्ष से अधिक हो चुके हैं, न जाने कब राहत मिलेगी।
-केवलराम परिहार

पॉश कॉलोनी होती तो प्रशासन की ओर से त्वरित विकास कार्य करवा दिए जाते, लेकिन पॉश कॉलोनी नहीं होने का खामियाजा हम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। कॉलोनी के विकास के लिए जनप्रतिनिधि भी गंभीर नहीं है।
-दिनेश परिहार

कॉलोनी में बड़ी संख्या में आवासीय क्षेत्र में रंगाई-छपाई व अन्य फैक्ट्रियां चल रही हैं। इससे कॉलोनी में प्रदूषण हो रहा है। लम्बे समय से चल रही इन फैक्ट्रियों पर प्रदूषण विभाग भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
खेमाराम विश्नोई

इन्होंने कहा-
गणेश कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं के लिए क्षेत्रवासियों ने ज्ञापन दिया था। जिसे 6 माह पूर्व महापौर को देकर जन समस्याओं से अवगत कराया गया था। कॉलोनी में जल्द सीवरेज लाइन डालने के लिए निगम की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं।
संजू सोलंकी, पार्षद

Published on:
01 Apr 2018 07:30 pm