
Jodhpur : जोधपुर में राखी का त्योहार नजदीक आते ही मिठाइयों की मिठास महंगी होने लगी है। पहले चीनी के बढ़े भाव ने मिठाई कारोबारियों की चिंता बढ़ाई और अब दूध के दामों में उछाल ने त्योहार का बजट बिगाड़ दिया है। दूध के भाव बढ़कर 75 से 80 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं, जबकि चीनी भी 65 से 70 रुपए किलो के भाव में बिक रही है। ऐसे में दूध से बनने वाली मिठाइयों के दामों पर भी बढ़ोतरी का असर दिखाई देने लगा है।
सामान्य दिनों में दूध के भाव करीब 40 से 50 रुपए किलो के आस-पास रहते हैं, लेकिन त्योहार नजदीक आते ही दूध की मांग अचानक बढ़ जाती है। जोधपुर में दूध विक्रेता आसकरण बोराणा ने बताया कि मिठाई बनाने के लिए बड़ी मात्रा में दूध की जरूरत पड़ने से मांग बढ़ती है और इसके साथ ही भाव भी 20 से 25 रुपए किलो तक बढ़ जाते हैं। राखी के सीजन में मावा, पनीर, खोया और अन्य दुग्ध उत्पादों की खपत बढ़ने से बाजार पर अतिरिक्त दबाव रहता है।
दूध और चीनी दोनों के महंगे होने से मिठाई तैयार करने की लागत बढ़ गई है। कारोबारियों के सामने कच्चे माल की बढ़ती कीमत के बीच मिठाई के भाव तय करने की चुनौती है। वहीं ग्राहकों को इस बार राखी पर मिठाई खरीदने के लिए पिछले साल की तुलना में अधिक जेब ढीली करनी पड़ सकती है। त्योहार की खरीदारी शुरू होने के साथ ही बाजार में महंगाई का असर साफ नजर आने लगा है।
गुड़ और चीनी के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। किराणा व्यापारी विष्णु डागा ने बताया कि करीब एक महीने पहले 48-50 रुपए किलो बिक रही चीनी के भाव अब रिटेल बाजार में 65 से 70 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। वहीं गुड़ के दाम भी बढ़कर 70 से 75 रुपए किलोग्राम हो गया है।
त्योहारों का सीजन शुरू हो गया है, चीनी और दूध के बढ़े दामों से गृहणी मायूस हो गईं हैं। उनके समझ में नहीं आ रहा है कि रसोई का खर्च कैसे संभालें। उधर सरकार इस संकट से निबटने के लिए लगातार काम कर रही है। वैसे सरकार का कहना है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है।