
Kota Horrific Accident : कोटा. कोई रात तक अपनों के साथ हंसी-मजाक कर रहा था तो कोई सुबह खाटूश्यामजी के दर्शन की उम्मीद में सोया था, लेकिन सुबह आंख खुली तो खुशियों का यह सफर करुण-क्रंदन में बदल गया। चारों तरफ खून से लथपथ अपनों को देख रूह कांप उठी। घायलों की कराह और बिछुड़ने का खौफ चेहरों पर साफ दिखाई दिया। दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे के कराडिया इंटरचेंज के पास शनिवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली। देवदर्शन का उल्लास मातम में बदल गया। हादसे के बाद कोई अपने बच्चों की चिंता करता दिखा तो कोई चाचा-चाची और भाई-बहनों की सलामती पूछ रहा था। भोपाल से निकले 25 रिश्तेदारों की यह यात्रा हादसे का शिकार हो गई।
दसवीं कक्षा की छात्रा आकांक्षा झरपड़े ने हादसे से पहले की स्थिति बताते हुए कहा कि बस में चाचा, ताई, बुआ, बहन और जीजा समेत परिवार के 25 लोग सवार थे। रात के लंबे सफर में ज्यादातर लोग सो रहे थे, लेकिन कुछ लोग जाग रहे थे। आकांक्षा के अनुसार, चालक को नींद आ रही थी। उसे गाड़ी रोकने के लिए भी कहा गया, लेकिन उसने बात नहीं मानी। कुछ देर बाद बस पुलिया से नीचे गिर गई। चीख-पुकार मच गई और चारों तरफ खून फैल गया। आसपास के ग्रामीण मदद के लिए दौड़े। पुलिस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। आकांक्षा का 10 वर्षीय भाई सारांश भी घायल है। उसके सिर और जीभ पर गंभीर चोटें आई हैं।
गंभीर घायल हेमलता गायकवाड़ हादसे का मंजर बताते हुए फफक पड़ी। उन्होंने बताया कि सुबह पांच बजे अचानक तेज धमाका हुआ। आंख खुली तो चारों तरफ चीख-पुकार और खून से लथपथ लोग नजर आए। उसके खुद के सिर में गंभीर चोट आई है और एक हाथ में फ्रैक्चर है। दो बेटे भी घायल हैं। खुद दर्द से जूझने के बावजूद उन्हें बार-बार अपने बच्चों और अन्य परिजनों की चिंता सता रही थी। जिनके साथ कुछ घंटे पहले तक हंसी-मजाक कर रही थी, उन्हें इस हालत में देखकर वह खुद को संभाल नहीं पा रही।
इमरजेंसी सर्जिकल वार्ड में भर्ती बैतूल निवासी चित्रांश के हाथों में फ्रैक्चर है और सिर व नाक पर गंभीर चोटें आई हैं। काफी खून बहने के कारण अस्पताल में उसे अतिरिक्त रक्त चढ़ाया गया। परिजनों और परिचितों के लिए यह समझ पाना मुश्किल था कि दर्शन के लिए उत्साह से निकला चित्रांश कुछ ही घंटों में अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी की जंग लड़ने लगेगा। चित्रांश प्राइवेट जॉब करता है। वह एक कंपनी में फाइनेंशियल एडवाइजर है।
बैतूल जिले के मुल्ताई निवासी वेदांत के एक हाथ में फ्रैक्चर है, जबकि माथे और आंख के नीचे गहरे जख्म हैं। दर्द से कराहते हुए उसने बताया कि चाचा, चाची, जीजा और ताई समेत परिवार के कई लोग बस में साथ थे। हादसे के बाद सभी को घायल देखकर वह बुरी तरह सहम गया। चोट और दर्द के कारण वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहा। आंखों के सामने बार-बार हादसे का वही खौफनाक दृश्य घूम रहा है।