
भवन पचास वर्ष पुराना, मरम्मत मांग रहा
नैनवां. पचास वर्ष पहले बना नैनवां का डाकघर जर्जर होता जा रहा है। थोड़ी सी बरसात होते ही छत टपकने लगती है। बरसात में छत से दो दिन में ही तीन स्थानों से छत का प्लास्टर गिर गया। भवन की स्थिति जर्जर होने से पिछले वर्ष भी डाकघर के कम्प्यूटर सहित अन्य उपकरण खराब हो गए थे। इस वर्ष तो बरसात होते ही छत का प्लास्टर गिरना शुरू हो गया। भवन में जहां कर्मचारी बैठते है व जहां डाक पत्रों की छंटनी होती है। उसके पास ही छत का प्लास्टर गिरा,जिस समय प्लास्टर गिरा उस समय कोई कर्मचारी मौजूद नही था। जिससे अनहोनी टल गई।विभागीय जानकारी के अनुसार भवन का निर्माण पचास वर्ष पहले हुआ था। भवन पुराना होने से भवन की मरम्मत की आवश्यकता है। भवन के बाहर के छज्जे भी क्षत्तिग्रस्त होते जा रहे है। भवन की स्थिति से विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
नैनवां डाकघर प्रभारी महावीर कुशवाह ने बताया कि डाक अधीक्षक टोंक को दो दिन पहले ही भवन की स्थिति की रिपोर्ट भेजते हुए भवन की मरम्मत करवाने को लिखा है।