
Mosque dispute in Uttarkashi:मस्जिद के विरोध में बीते 24 अक्तूबर को उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बवाल हो गया था। भीड़ पुलिस बैरिकेट तोड़कर धार्मिक स्थल की ओर बढ़ने लगी थी। इस दौरान मौके पर पथराव भी शुरू हो गया था। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। पथराव और लाठीचार्ज में करीब दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने करीब 200 लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया है। इधर, अब सरकार ने इस मामले में उत्तरकाशी के एडीएम रजा अब्बास और सीओ प्रशांत कुमार को हटा दिया है। दरअसल, उत्तरकाशी में मजिस्जद के विरोध में कई संगठनों ने हंगामा काटा था। पुलिस व प्रदर्शनकारियों में हुई झड़प के बीच अचानक पथराव हो गया और पुलिस के लाठीचार्ज में कई लोग घायल हो गए थे। इस मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी बुधवार को उत्तरकाशी दौरे पर थे। सीएम विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान भाजपाइयों ने अफसरों की शिकायत की। गुरुवार को सीएम के देहरादून लौटते ही दो अफसरों पर गाज गिर गई। बताया जा रहा है कि सीएम के निर्देश पर ही ये कार्रवाई हुई है। दोनों ही अफसरों को अटैच कर दिया गया है। सीएम के सख्त रुख से अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है।
बजरंग दल के प्रदेश संगठन मंत्री अनुज वालिया ने गुरुवार को कहा कि उत्तरकाशी में जिस धार्मिक स्थल के कागजात दिखाए जा रहे हैं, उनमें कोई प्रमाणिकता नहीं है। दावा किया कि धार्मिक स्थल अवैध है। इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। एक दिसंबर को उत्तरकाशी के रामलीला मैदान में महापंचायत बुलाई गई है लोनिवि गेस्ट हाउस में प्रेसवार्ता में अनुज वालिया ने कहा कि लगातार सूचनाएं मिल रही थी कि धार्मिक स्थल में अवैध गतिविधियां हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि यह धार्मिक स्थल अवैध है। इसके खिलाफ बड़े आंदोलन का निर्णय लिया गया है।