
Uttar Pradesh News: आगरा शिक्षक एमएलसी (MLC)चुनाव में सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल की ओर से पोलिंग में गड़बड़ी और समर्थकों को परेशान करने के आरोप लगाए जाने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आकाश अग्रवाल को चुनाव में हराने के लिए भाजपा नेताओं, उनके साथियों और अधिकारियों ने मिलकर चुनावी घपलों की सारी हदें पार कर दीं। अखिलेश यादव ने कहा कि इस घटना से आकाश अग्रवाल के साथ पूरा अग्रवाल समाज भी आहत है। अखिलेश यादव ने कहा कि समय आने पर आकाश अग्रवाल को उचित सम्मान और जगह देकर पूरे अग्रवाल समाज के मान-सम्मान को फिर से स्थापित किया जाएगा।
अखिलेश यादव ने BJP पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव के लूटेरे इन दगाबाज भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों की भ्रष्ट सत्ता अब और नहीं चलेगी। जनता अब इनकी जड़ में मट्ठा डाल देगी। अखिलेश यादव ने आगे कहा कि भाजपा किसी की सगी नहीं है। हम आकाश अग्रवाल और संपूर्ण अग्रवाल समाज के साथ हैं।
समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने भाजपा प्रत्याशी और प्रशासन पर चुनाव में गड़बड़ी करने और अपने समर्थकों को परेशान करने के आरोप लगाए। अपनी शिकायत लेकर मंडल कमिश्नर के पास पहुंचे आकाश अग्रवाल मीडिया से बात करते हुए रो पड़े। उन्होंने खैरागढ़, फतेहाबाद और छाता में बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया। इसी दौरान उन्होंने धर्म परिवर्तन करने की बात भी कही। उनके बयान से चुनाव के बीच मामला चर्चा में आ गया है।
आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि खैरागढ़ के बूथ नंबर 20 पर भाजपा प्रत्याशी के भतीजे ने बूथ पर कब्जा कर लिया। आकाश अग्रवाल ने कहा कि इस घटना का वीडियो उन्होंने मंडल कमिश्नर को भेजा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खैरागढ़ में पीठासीन अधिकारी ने खाना खाने के बहाने सभी मतदाताओं को बाहर निकाल दिया और कमरे को बंद कर दिया। उनके मुताबिक, फतेहाबाद और छाता के बूथ नंबर 40 पर भी बूथ कैप्चरिंग हुई। फतेहाबाद क्षेत्र में मतदान के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने भी बूथ के बाहर गड़बड़ी का आरोप लगाया।
आकाश अग्रवाल ने अपने चुनाव प्रबंधकों और समर्थकों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सभी 12 जिलों में, हमारे कैंपेन मैनेजर्स को अधिकारी जब चाहें उठा लेते हैं; अधिकारी अफवाहें फैलाते हैं, झूठे इल्ज़ाम लगाते हैं, हमारे लोगों को हिरासत में लेते हैं, और उनके साथ गाली-गलौज करते हैं। सच कहूं तो, मुझे ऐसा लगने लगा है जैसे मैं पाकिस्तान से आया कोई टेररिस्ट हूं। हम इलेक्शन जीतें या हारें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर सरकार ने मुझे बताया होता कि मेरे कैंपेन मैनेजर्स के साथ ऐसा बुरा बर्ताव होगा, तो मैं यह इलेक्शन कभी नहीं लड़ता।
मीडिया से बात करते हुए आकाश अग्रवाल भावुक हो गए और रोने लगे। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें पहले पता होता कि चुनाव के दौरान उनके साथ ऐसा बर्ताव होगा, तो वह चुनाव नहीं लड़ते। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके समर्थकों को हिरासत में लिया जाता है और उनके साथ गाली-गलौज की जाती है।
आकाश अग्रवाल ने एक अधिकारी के साथ हुई कथित बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि एक अधिकारी ने मुझसे कहा कि भाई आप एमएलसी ही तो हो, आप खुदा तो नहीं हो जिसके बाद आकाश अग्रवाल ने कहा कि मैं सनातन के ऐसे रूप में नहीं रहना चाहता जहां मुझे वे लोग परेशान कर रहे हैं जो इसके गार्जियन और प्रोटेक्टर होने का दावा करते हैं। अगले महीने, मैं लखनऊ जाऊंगा और शाही ईदगाह में अपना धर्म बदलूंगा, जीतना या हारना मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता।
आकाश अग्रवाल ने कहा कि अब वह शांति से रहना चाहते हैं। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 'मैं कुछ नहीं कहना चाहूंगा, मैं अब शांति से रहना चाहूंगा और सरकार से कहना चाहूंगा कि भाई उसे जिस तरीके से चुनाव कराना हो, जो करना हो सो करे। मुझे भी जेल में डालना हो, मैं यहीं से अभी जेल चला जाता हूं।
आकाश अग्रवाल ने चुनाव में गड़बड़ी और प्रशासन की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।