
UP Election 2027:उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने की चर्चाओं के बीच निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार आज यानी सोमवार सुबह 2 दिवसीय दौरे पर राजधानी लखनऊ पहुंचे हैं। इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पुराने स्कूल कॉल्विन ताल्लुकेदार्स कॉलेज में एक शिक्षक की खास भूमिका में नजर आए। उन्होंने विद्यालय के 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की क्लास ली और उनसे लोकतंत्र चुनाव और मताधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सीधा संवाद किया। इसके साथ ही उन्होंने भविष्य के मतदाताओं को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह से जागरूक भी किया।
अपने जमाने के टॉपर रहे ज्ञानेश कुमार ने स्कूल के दिनों की यादें ताजा करते हुए युवाओं को समझाया कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवा पीढ़ी की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि, 'मतदान केवल हमारा एक अधिकार नहीं है बल्कि, यह देश के भविष्य के निर्माण में हमारी सीधी भागीदारी का माध्यम भी है।' एक मजबूत और पारदर्शी लोकतंत्र के लिए सभी का जागरूक मतदाता होना बहुत आवश्यक है।
इस विशेष संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने चुनाव प्रक्रिया के अलग-अलग पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। सामने बैठे कई विद्यार्थी आने वाले कुछ ही वर्षों में पहली बार मतदाता बनने वाले हैं। ऐसे में छात्रों ने भी निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता बनने के तरीके और निष्पक्ष चुनाव से जुड़े कई रोचक सवाल पूछे। ज्ञानेश कुमार ने पूरी सहजता के साथ उनके सभी सवालों के जवाब दिए और उनकी सभी जिज्ञासाओं को शांत करते हुए लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
उत्तर प्रदेश में साल 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में मुख्य चुनाव आयुक्त का स्कूल के वरिष्ठ विद्यार्थियों से यह सीधा संवाद काफी खास माना जा रहा है। विद्यालय के प्रधानाचार्य सच्चिदानंद सिंह ने बताया कि देश की चुनाव प्रक्रिया का सर्वोच्च नेतृत्व कर रहे स्कूल के ही पूर्व छात्र का बच्चों के बीच पहुंचना एक बेहद प्रेरणादायक क्षण रहा। संवाद के बाद ज्ञानेश कुमार ने विद्यालय परिसर का भ्रमण किया और अपने पुराने दिनों की यादों को ताजा किया।
निर्वाचन आयोग की ओर से प्रदेश के 3 प्रमुख शहरों लखनऊ, मेरठ और वाराणसी में क्षेत्रीय सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को पहला बड़ा सम्मेलन लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा। इसमें लखनऊ, अयोध्या, अमेठी, कानपुर, बाराबंकी और रायबरेली समेत 20 जिलों के उप-जिला निर्वाचन अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अफसर शामिल होंगे। अधिकारियों के अलावा इन 20 जिलों के 440 शैक्षणिक संस्थानों के लगभग 1500 विद्यार्थी और शिक्षक भी इस खास कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।