लखनऊ

Prateek Yadav Shradhanjali Sabha: प्रतीक यादव की त्रयोदशी में पहुंचे सीएम योगी, अपर्णा यादव के घर जुटीं बड़ी हस्तियां

Prateek Yadav Trayodashi Sanskar: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में अपर्णा यादव के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने स्वर्गीय प्रतीक यादव की आत्मा की शांति हेतु आयोजित त्रयोदशी संस्कार कार्यक्रम में श्रद्धांजलि अर्पित की।
3 min read
• •
Updated: 25 May 2026, 4:44 PM IST
अपर्णा यादव के आवास पहुंचे सीएम योगी, प्रतीक यादव को दी भावभीनी श्रद्धांजलि (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
अपर्णा यादव के आवास पहुंचे सीएम योगी, प्रतीक यादव को दी भावभीनी श्रद्धांजलि (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Prateek Yadav Shradhanjali Sabha CM Yogi Visit: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार 25 मई को अपर्णा यादव के लखनऊ स्थित आवास पहुंचे, जहां उन्होंने स्वर्गीय प्रतीक यादव की आत्मा की शांति के लिए आयोजित त्रयोदशी संस्कार कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान वहां मौजूद परिजनों और शुभचिंतकों से भी उन्होंने मुलाकात की और दुख की इस घड़ी में परिवार को धैर्य बनाए रखने का संदेश दिया।

श्रद्धांजलि सभा में दिखा भावुक माहौल

लखनऊ स्थित आवास पर आयोजित त्रयोदशी संस्कार कार्यक्रम में वातावरण पूरी तरह भावुक नजर आया। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, करीबी मित्र और कई सामाजिक व राजनीतिक हस्तियां कार्यक्रम में मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचने पर परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने सबसे पहले स्वर्गीय प्रतीक यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने कुछ समय मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोग भी इस दौरान बेहद भावुक दिखाई दिए।

अपर्णा यादव से की मुलाकात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों से भी बातचीत की और दुख की इस कठिन घड़ी में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रियजन को खोने का दुख बेहद गहरा होता है और ऐसे समय में पूरा समाज परिवार के साथ खड़ा रहता है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

परिवार के प्रति जताई संवेदना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन और मृत्यु प्रकृति का अटल सत्य है, लेकिन किसी अपने के जाने का दुख हमेशा गहरा होता है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में सभी को परिवार के साथ खड़ा रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिवंगत प्रतीक यादव की स्मृतियां हमेशा परिवार और उनके करीबियों के दिलों में जीवित रहेंगी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति मिले।

श्रद्धा और शांति का माहौल

कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ भी आयोजित किए गए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडितों द्वारा आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की गई। परिवार के सदस्यों ने श्रद्धापूर्वक सभी धार्मिक विधियां पूरी कीं। त्रयोदशी संस्कार हिंदू परंपरा में आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी परंपरा के अनुसार कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

लोगों ने दी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे लोगों ने भी स्वर्गीय प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की। कई लोगों ने परिवार के साथ बिताए गए पुराने पलों को याद करते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मौजूद लोगों का कहना था कि दुख की इस घड़ी में मुख्यमंत्री का परिवार के बीच पहुंचना एक संवेदनशील और मानवीय पहल है। इससे परिवार को मानसिक संबल मिलता है।

पूरे दिन बना रहा लोगों का आना-जाना

लखनऊ स्थित आवास पर पूरे दिन लोगों का आना-जाना लगा रहा। सुबह से ही श्रद्धांजलि देने वालों का पहुंचना शुरू हो गया था। सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और स्थानीय लोगों ने भी कार्यक्रम में पहुंचकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन के बाद सुरक्षा व्यवस्था और भी सख्त कर दी गई थी। हालांकि कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण और गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ।

संवेदना और सहानुभूति का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस उपस्थिति को संवेदना और सहानुभूति के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर परिवार के दुख में सहभागी बनने का प्रयास किया। राजनीतिक व्यस्तताओं के बावजूद मुख्यमंत्री का इस कार्यक्रम में शामिल होना यह दर्शाता है कि दुख की घड़ी में संवेदनशीलता और मानवीय रिश्तों का कितना महत्व होता है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को धैर्य रखने का संदेश देकर वहां से प्रस्थान किया।