यूपी में विधानसभा की पांच खाली सीटों के दावेदार अब तय हो चुके हैं
लखनऊ। यूपी में विधानसभा की पांच खाली सीटों के दावेदार अब तय हो चुके हैं. चुनाव की सरगर्मियां भी तेज़ हो चुकी है. दरअसल 18 सितंबर को होने वाले विधानसभा परिषद् के उप चुनाव में मुक्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ दो उप मुख्यमंत्री और दो मंत्री में उच्च सदन में पहुँचने के दावेदार हो गए हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो यशवंत सिंह की खाली सीट पर सदन में जाएंगे। उत्तर परेश के डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा को डॉ अशोक बाजपेयी की सीट से विधान परिषद् में जाने का मौक़ा मिलेगा। इसी तरह बुक्कल नवाब के इस्तीफा देने से खाली सीट पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा डॉ सरोजनी अग्रवाल की रिक्त सीट पर परिवहन मंत्री देव सिंह उच्च सदन में जाएंगे। यह चारों इस्तीफा देने से पहले समाजवादी पार्टी से विधान परिषद् के सदस्य थे.
24 अगस्त को एमएलसी की चार सीटों की घोषणा हुई थी
चुनाव आयोग ने 24 अगस्त को प्रदेश में एमएलसी की चार सीटों के लिए उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था. इसके तहत 15 सितंबर को चुनाव होना था. तक कयास लगाए गए थे कि भाजपा के किसी पांचवे मंत्री को इस्तीफा देना होगा। इसी के दो दिन बाद चुनाव आयोग ने बसपा एमएलसी ठाकुर जयवीर सिंह के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर भी उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया। इस एक सीट पर 18 सितंबर को चुनाव होना है.
खूब चला पॉलिटिकल ड्रामा, दिए इस्तीफे
समाजवादी पार्टी के बुकक्ल नवाब ने 29 जुला 2017 को विधानपरिषद की सदस्सयता से इस्तीफा दिया था. इनका कार्यकाल 6 जुलाई 2022 तक है. इन्होने भाजपा की सदस्यता ली है.
यशवंत सिंह ने भी 29 जुलाई को ही विधानपरिषद की सदस्यता से इस्तीफा दिया था. इनका भी कार्यकाल 6 जुलाई 2022 तक है. यशवंत भी भाजपा के सदस्य बन गए. सपा की डॉ सरोजनी अग्रवाल ने 4 अगस्त 2017 को इस्तीफा दिया। इनका कार्यकाल 30 जनवरी 2021 को खत्म हो रहा है. वह भी भाजपा में शामिल हो गई हैं. समाजवादी पार्टी के अशोक बाजपयी ने भी इस्तीफा दिया और वह भी भाजपा में आ गए हैं. अशोक बाजपायी का कार्यकाल 30 जनवरी 2021 को खत्म होना था.
एक साथ हुए भाजपा कार्यालय में
विधान अपरिषद के उप चुनाव में नामांकन करने के लिए विधान भवन के सेंट्रल हॉल करने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और डॉ दिनेश शर्मा के साथ मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह और मोहसिन राजा भाजपा कार्यालय पहुंचे। पार्टी ऑफिस में सभी के फॉर्म की जांच की गई. जिससे कि नामांकन पत्र में कोई गलती न हो. कोई गलत सूचना न जाए. आज चार सीटों की नामांकन का आखिरी दिन है. अगर फॉर्म रिजेक्ट हुआ तो मंत्री पद किसी को भी छोड़ना पड़ सकता है.