लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी बिखरती चली जा रही है।
लखनऊ. लोकसभा चुनाव (Lok Sabha) के बाद कांग्रेस (Congress) पार्टी बिखरती चली जा रही है। हाल में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने पार्टी से इस्तीफ दे दिया था और भाजपा (BJP) का दामन थाम लिया था। बुधवार को इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के कांग्रेस महासचिव एनपी सिंह (NP Singh) ने पद के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि अनुच्छेद 370 (Article 370) को लेकर पार्टी में स्टैंड से वे असमर्थ थे, जिसके चलते उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों की मानें तो वे भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं।
अनुच्छेद 370 के समर्थन में है एनपी सिंह-
एनपी सिंह केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाने के समर्थन में है। वैसे इस मसले में वह अकेले नहीं जो समर्थन में दिखे। मंगलवार को इस मामले में कांग्रेस में दो फाड़ देखने को मिला। पार्टी लाइन से हटकर कई नेताओं ने इस अनुच्छेद को हटाने का समर्थन किया। राजनितिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के पास मौका था कि वे इसका समर्थन कर देश में एक सकारात्मक संदेश भेज सकती थी, लेकिन ऐसी हुआ नहीं बल्कि जिन कांग्रेस के नेताओं ने इसका समर्थन किया उन्हें पार्टी का इतिहास जानने की नसीहत देते हुए उनके फैसले को गलत करार दे दिया।
अदिति सिंह व ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी किया था समर्थन-
रायबरेली से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह व कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी सरकार के फैसले का स्वागत किया है। दोनों ने ही सोशल मीडिया ट्विटर पर बयान जारी कर अपनी सहमति जताई है। इनके अलावा भी कई कांग्रेसी दिग्गज है जो फैसले का समर्थन करते हैं, हालांकि खुल कर किसी ने भी इसपर कोई बयान नहीं दिया है।