उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के निधन पर सियासी गलियारों में शोक की लहर दौ़ड़ गई है।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के निधन पर सियासी गलियारों में शोक की लहर दौ़ड़ गई है। सीएम योगी से लेकर केंद्रीय मंत्रियों व अन्य पार्टियों के कई दिग्गजों ने उनके निधन पर शोक जताया है। वहीं अलग-अलग राह पर चल रहे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव व समाजवादी सेक्युलर मोर्चे के संयोजक शिवपाल सिंह यादव ने भी एनडी तिवारी को श्रद्धांजलि दी।
"ऐतिहासिक पलों के साक्षी रहे एनडी तिवारी"-
शिवपाल यादव ने कहा कि यूपी व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एनडी तिवारी के निधन की सूचना से मर्माहत हूं। आजाद भारत के तमाम ऐतिहासिक पलों के साक्षी रहे एनडी तिवारी का निधन भारतीय राजनीति के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि शोकसंतप्त परिजनों को संबल प्रदान करें।
"समय-समय पर उनके महत्वपूर्ण सुझाव मिलते रहे"-
लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यालय में तिवारी जी के निधन पर झंडा झुका दिया गया। कार्यालय में उपस्थित सभी लोगों ने एनडी तिवारी को श्रद्वांजलि दी। अखिलेश यादव ने इस दौरान कहा कि नारायण दत्त तिवारी का आशीर्वाद और स्नेह उन्हें भी प्राप्त रहा और समय-समय पर उनके महत्वपूर्ण सुझाव मिलते रहे। उत्तर प्रदेश के विकास में उनकी दिलचस्पी और समस्याओं की समझ बेजोड़ थी। आर्थिक मामलो में तो उनकी विशेषज्ञता को सभी मानते थे। उनका निधन एक ऐसी सार्वजनिक क्षति है जो अपूरणीय है।
"विकास पुरूष की भूमिका निभाई थी"
उन्होंने कहा कि नारायण दत्त तिवारी ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भाग लिया था। आजादी के बाद स्वतंत्र भारत में उन्होंने सरकारों में रहकर विकास पुरूष की भूमिका निभाई थी। आचार्य नरेन्द्र देव से प्रभावित होकर कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी और प्रसोपा में रहकर समाजवादी विचारधारा को उन्होंने अपना रास्ता बनाया। अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने यूपी व उत्तराखंड के विकास के लिए कई योजनाएं लागू की थी और दोनों राज्यों की प्रगति को नई दिशा दी थी। केंद्र की सरकार में लगभग सभी प्रमुख मंत्रालयों का काम उन्होंने संभाला।