मौलाना अली मियां नदवी ने धार्मिक क्षेत्र में बड़े काम किए और उनकी लिखी हुईं धार्मिक किताबें तमाम संस्थानों में पढ़ाई जाती हैं.
लखनऊ. अब जल्द ही लखनऊ में स्थित हज हाउस का नाम बलद जाएगा। योजना भवन में यूपी सरकार में राज्यमंत्री मोहजिन रजा ने इसका प्रस्ताव रखा, जिस पर जल्द ही मुहर लगाई जा सकती है। आपको बता दें कि वर्तमान में लखनऊ के हज हाउस का नाम प्रसिद्ध धर्मगुरु मौलाना अली मियां के नाम पर है जिसे बदलकर इसका नाम पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम पर रखे जाने का प्रस्ताव रखा गया है।
इस पर मुस्लिम धर्म गुरु मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली का कहना है कि बेहतर होगा अगर एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से कोई नया साइंटिफिक सेंटर बनाया जाता। उन्होंने कहा कि मौलाना अली मियां नदवी ने धार्मिक क्षेत्र में बड़े काम किए और उनकी लिखी हुईं धार्मिक किताबें तमाम संस्थानों में पढ़ाई जाती हैं। इसी वजह से उनके नाम पर लखनऊ के हज हाउस का नाम रखा गया था। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रथा है कि जिस शख्स ने जिस क्षेत्र में विशेष कार्य किया हो, उसके नाम पर ही उस क्षेत्र से संबंधित संस्थान या इमारत आदि का नाम रखा जाता है।
मोहसिन रजा ने दिया बड़ा बयान-
वैसे यूपी सरकार प्रदेश के सभी हज हाउस के नाम बदलने जा रही है। उत्तर प्रदेश के वक्फ और हज राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने ग़ाज़ियाबाद व वाराणसी के हज हाउस के भी नाम बदलने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश हज समिति को दिए हैं। राज्यमंत्री ने इन सभी की जानकारी अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर भी दी। उन्होंने कहा कि योजना भवन, लखनऊ में उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की बैठक में हज हॉउस लखनऊ का नाम पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के नाम और गाजियाबाद एवं वाराणसी के भी नाम बदलने के लिए हज समिति से प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।