
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के रामपुर में आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जेल में बंद आजम खान से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए इसे चुनावी कदम बताया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आजम खान इतने लंबे समय से जेल में हैं, लेकिन अखिलेश यादव पहले उनसे मिलने क्यों नहीं गए। वहीं, सपा नेता फखरुल हसन चांद ने भाजपा पर आजम खान को झूठे मुकदमों में फंसाने का आरोप लगाया है।
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह चुनावी नारा है। आजम खान इतने लंबे समय तक जेल में रहे, लेकिन अखिलेश यादव उनसे कभी मिलने नहीं गए। अब जब चुनाव नजदीक आ रहे हैं, तो वे उनसे मिलने जा रहे हैं। वे मुसलमानों को यह संदेश देना चाहते हैं कि वे आजम खान के महान नेता हैं, लेकिन वे यह भूल गए हैं कि अखिलेश यादव ही वे व्यक्ति हैं जिन्होंने आजम खान को जेल भेजा था। वे सपा सरकार की कार्रवाई के कारण जेल में हैं। आजम खान ने सरकार को सत्ता में लाने में मदद की, अखिलेश यादव ने पैसा कमाया और आजम खान जेल चले गए।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने भी अखिलेश यादव के रामपुर दौरे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि अखिलेश यादव ऐसे व्यक्ति के साथ किस तरह की राजनीतिक रणनीति बना सकते हैं, जो करीब 100 आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है और जेल में बंद है। नरेंद्र कश्यप ने आजम खान के खिलाफ दर्ज मुकदमों का जिक्र करते हुए इस मुलाकात पर सवाल खड़े किए।
समाजवादी पार्टी के नेता फखरुल हसन चांद ने बताया कि अखिलेश यादव रामपुर जेल में आजम खान से मिलकर उनका हालचाल जानेंगे। इसके बाद वह आजम खान के आवास पर जाएंगे। वहां अखिलेश यादव आजम खान की पत्नी और सपा सांसद तंजीन फातिमा सहित परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वह वापस लौट जाएंगे। फखरुल हसन चांद ने आरोप लगाया कि भाजपा ने आजम खान के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे।
शिवा हत्याकांड को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर भी ओम प्रकाश राजभर ने प्रतिक्रिया दी। राजभर ने कहा कि वह दोपहर 12 बजे उठते हैं और 'अली-अली' का जाप करते हैं, और दोपहर 12 बजे के बाद 'बजरंग बली' का। वह आस्था की बात कर रहे हैं। वे गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे और अब गिरफ्तारियां हो गई हैं। तो अब किसी को चिंता क्यों हो रही है।