
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क| Image - X/@ziaurrahmanbarq
Uttar Pradesh Politics News: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है। इस बीच संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कांग्रेस की सीटों की मांग पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कितनी सीटें मांग रही है, इससे समाजवादी पार्टी को कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, सीटों का बंटवारा जीत की संभावना के आधार पर होना चाहिए। बर्क ने गठबंधन को लेकर अखिलेश यादव से हुई बातचीत का भी जिक्र किया और कहा कि दोनों दलों के बीच चर्चा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।
संभल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कांग्रेस की सीटों की मांग पर अपनी पार्टी का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि सीटों की संख्या को लेकर सवाल उठाना अलग बात है। कांग्रेस कितनी सीटों की मांग कर रही है, इससे समाजवादी पार्टी को कोई परेशानी नहीं है। हालांकि, सपा चाहती है कि सीटों का बंटवारा इस आधार पर किया जाए कि कांग्रेस किन विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव जीतने की स्थिति में है। बर्क के बयान से साफ है कि समाजवादी पार्टी सीटों के बंटवारे में जीत की संभावना को अहम मान रही है।
सपा सांसद ने बताया कि गठबंधन को लेकर चल रही बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस इंडिया गठबंधन के तहत एक साथ चुनाव लड़ेंगी। बर्क ने कहा कि इस मुद्दे पर उनकी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी बातचीत हुई है। उन्होंने इस चर्चा को सकारात्मक बताया। साथ ही दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के मुकाबले समाजवादी पार्टी सबसे मजबूत विकल्प है।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे में हो रही देरी पर भी बर्क ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी समझौते को अंतिम रूप देने में समय लगता है। इसे लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति व्यापार शुरू करता है या किसी दूसरे काम को आगे बढ़ाता है, तो उसमें भी समय लगता है। इसी तरह चुनाव में दो राजनीतिक दलों के बीच सीटों का बंटवारा भी एक तरह का समझौता है। बर्क ने कहा कि ऐसे फैसले तुरंत नहीं हो सकते। दोनों पार्टियों को आपसी सहमति से आगे बढ़ना होता है। इसलिए बातचीत में समय लगने को किसी तरह की परेशानी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने विरोध प्रदर्शन के अधिकार को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में गलत हो रही किसी भी बात के खिलाफ आवाज उठाने का अधिकार केवल जेन जी यानी युवा पीढ़ी तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि चाहे कोई व्यक्ति 21, 27 या 30 साल का हो या फिर उसकी उम्र 60, 70 या 80 साल हो, सभी को गलत के खिलाफ आवाज उठाने का अधिकार है। बर्क ने कहा कि देश के हर नागरिक को सरकार या पुलिस प्रशासन के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है। हालांकि, विरोध प्रदर्शन कानून के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए।
न्यायपालिका को लेकर जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि वह हमेशा से सभी स्तरों पर न्यायिक संस्थाओं का सम्मान करते आए हैं। चाहे हाईकोर्ट हो या सुप्रीम कोर्ट, सभी का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायिक संस्थाओं का सम्मान करना जरूरी है। इसके साथ ही नागरिकों को संविधान से मिले अधिकारों का इस्तेमाल करने की भी स्वतंत्रता है। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर उम्र के व्यक्ति का अधिकार है।
Updated on:
22 Oct 2026 08:27 am
Published on:
22 Oct 2026 07:38 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
