
UP Congress News: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आगामी 1 नवंबर को प्रस्तावित ‘वोट चोरी’ विरोधी महारैली की तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने इस महारैली में उत्तर प्रदेश से दो लाख कांग्रेसजनों को दिल्ली पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रदेश संगठन से लेकर जिला और ब्लॉक स्तर तक सक्रियता बढ़ाने की कवायद की जा रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ और प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम छह जोन की बैठकों के माध्यम से तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।
कांग्रेस नेतृत्व का जोर प्रदेश के सभी जिलों से कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर है। इसके लिए अवध, पूर्वांचल, प्रयाग, बुंदेलखंड, ब्रज और पश्चिम जोन में संगठनात्मक बैठकों का कार्यक्रम बनाया गया है। इन बैठकों में जिला और शहर कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों, पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ महारैली की तैयारियों पर चर्चा की जा रही है। संगठन के अलग-अलग स्तरों पर जिम्मेदारियां तय कर कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचने के लिए प्रेरित करने की योजना है। पार्टी के मुताबिक, इन बैठकों का उद्देश्य केवल भीड़ जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठनात्मक समन्वय मजबूत करना और प्रत्येक जिले में तैयारियों की प्रगति की समीक्षा करना भी है। कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि महारैली में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिनिधित्व हो और कार्यकर्ताओं की भागीदारी के लिए समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं की जा सकें।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रयाग जोन से संबंधित जिलों के कांग्रेस पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक 25 अक्टूबर को अपराह्न दो बजे प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित शंकरलाल मेमोरियल हॉल में आयोजित की जाएगी। यह स्थान फायर ब्रिगेड चौराहे के निकट बताया गया है। बैठक में जिला और शहर कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों के साथ वर्तमान एवं पूर्व सांसदों-विधायकों, पूर्व प्रदेश पदाधिकारियों, पूर्व जिला-शहर अध्यक्षों और पूर्व लोकसभा-विधानसभा प्रत्याशियों को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
इसी क्रम में ब्रज जोन की बैठक 26 अक्टूबर को पूर्वाह्न 11 बजे अलीगढ़ के मैरिस रोड चौराहे स्थित शहनाई मैरिज हॉल में होगी। पश्चिम जोन के कांग्रेसजनों की बैठक 27 अक्टूबर को पूर्वाह्न 11 बजे मुरादाबाद के ईदगाह रोड स्थित भूड़ा चौराहे के पास ऑर्चिड ग्रैंड लॉन में प्रस्तावित है। इन बैठकों में संबंधित जोन के संगठनात्मक पदाधिकारियों के साथ महारैली की तैयारियों और जिलों से अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा होगी।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसार, अवध, बुंदेलखंड और पूर्वांचल जोन की बैठकें पहले ही संपन्न हो चुकी हैं। इन बैठकों में प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष एवं सांसद इमरान मसूद सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल रहे। संबंधित जोन के सह-प्रभारी, प्रदेश सचिव और वरिष्ठ उपाध्यक्षों ने भी संगठनात्मक तैयारियों पर चर्चा की।
बैठकों के दौरान जिला स्तर पर जिम्मेदारियां तय करने, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाने और महारैली में भागीदारी बढ़ाने की रणनीति पर जोर दिया गया। पार्टी का प्रयास है कि शेष तीन जोन की बैठकों के बाद प्रदेशव्यापी तैयारियों को एक साझा रूप दिया जाए, जिससे दिल्ली में प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए विभिन्न जिलों से कार्यकर्ताओं की आवाजाही का बेहतर प्रबंधन हो सके।
महारैली की तैयारियों को जमीनी स्तर पर गति देने के लिए कांग्रेस ने छह जोन में राष्ट्रीय सचिव-सह प्रभारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अब्दुल हन्नान को अवध जोन, अभिषेक दत्त को पूर्वांचल जोन, वरुण चौधरी को प्रयाग जोन, जगदीश चंद्र जांगीड़ को बुंदेलखंड जोन, कुणाल चौधरी को ब्रज जोन और संजीव आर्य को पश्चिम जोन की जिम्मेदारी दी गई है। ये सह-प्रभारी अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों के जिलों में संगठनात्मक बैठकों, जनसंपर्क और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय के जरिए तैयारियों को आगे बढ़ा रहे हैं। जिला इकाइयों के साथ संपर्क बनाकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि महारैली में भाग लेने के इच्छुक कार्यकर्ताओं को आवश्यक जानकारी समय पर मिल सके और स्थानीय स्तर पर संगठन की भूमिका स्पष्ट रहे।
कांग्रेस ने महारैली को मताधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा से जुड़े अभियान के रूप में प्रस्तुत किया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि मत की पवित्रता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है और इस विषय पर व्यापक जन जागरण की जरूरत है। कांग्रेस का उद्देश्य ‘वोट चोरी’ के आरोपों को प्रमुखता से उठाना और इस मुद्दे पर जनता के बीच अपनी बात रखना है। हालांकि, ‘वोट चोरी’ संबंधी आरोप पार्टी का राजनीतिक दावा है; इसकी पुष्टि के लिए संबंधित मामलों और उपलब्ध साक्ष्यों को अलग-अलग देखना आवश्यक होगा।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला, शहर, ब्लॉक और मंडल स्तर के पदाधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों, अग्रिम संगठनों, विभागों, प्रकोष्ठों और समर्पित कार्यकर्ताओं से तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। पार्टी की योजना है कि स्थानीय इकाइयां आपसी समन्वय के जरिए दिल्ली जाने वाले कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाएं और महारैली के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। अब कांग्रेस नेतृत्व की नजर 25 से 27 अक्टूबर के बीच होने वाली प्रयाग, ब्रज और पश्चिम जोन की बैठकों पर है। इन बैठकों के बाद तैयारियों की दिशा और संगठनात्मक गतिविधियों को और स्पष्ट किया जाएगा। पार्टी ने एक नवंबर की महारैली के लिए उत्तर प्रदेश से दो लाख कांग्रेसजनों को जुटाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में छह जोन की इकाइयों, जिला संगठनों और नियुक्त सह-प्रभारियों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।