लखनऊ

यूपी पंचायत चुनाव 2026 को लेकर 15 दिन में बनाना होगा OBC आयोग, वकील मोतीलाल यादव की सरकार को चेतावनी!

UP Panchayat Chunav 2026 News: यूपी पंचायत चुनाव 2026 को लेकर अधिवक्ता मोतीलाल यादव ने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
2 min read
Feb 27, 2026
EVM खरीदने की चर्चा के बीच UP पंचायत चुनाव पर बड़ा अपडेट
EVM खरीदने की चर्चा के बीच UP पंचायत चुनाव पर बड़ा अपडेट Source- Patrika

UP Panchayat Chunav 2026: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 अप्रैल से जुलाई के बीच होने हैं। लेकिन इन चुनावों से पहले अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण तय करने के लिए ओबीसी आयोग का गठन बहुत जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार, स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण के लिए 'ट्रिपल टेस्ट' पूरा करना पड़ता है। इसमें पिछड़ेपन का सही सर्वे, आरक्षण का प्रतिशत तय करना और 50% की सीमा से ज्यादा न होना शामिल है। बिना इस आयोग के आरक्षण सही तरीके से लागू नहीं हो सकता, जिससे चुनाव में देरी हो सकती है।

जनहित याचिका और हाईकोर्ट की सुनवाई

अधिवक्ता मोतीलाल यादव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में जनहित याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा पिछड़ा वर्ग आयोग का कार्यकाल खत्म हो चुका है और नया समर्पित आयोग नहीं बना है। 4 फरवरी 2026 को हुई सुनवाई में राज्य सरकार ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि 15 दिनों के अंदर ओबीसी आयोग गठन की पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इस आश्वासन पर न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने याचिका को निस्तारित कर दिया। यानी मामला खत्म मान लिया गया।

सरकार को चेतावनी!

अब अधिवक्ता मोतीलाल यादव ने कहा है कि सरकार ने कोर्ट में जो वादा किया था, वो पूरा नहीं हुआ। उन्होंने प्रदेश सरकार को चिट्ठी लिखकर तत्काल आयोग गठन की मांग की है। साथ ही साफ चेतावनी दी है कि अगर 15 दिनों में प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो वे हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर देंगे। उनका कहना है कि कोर्ट रिकॉर्ड पर सरकार का आश्वासन दर्ज है, इसलिए इसे तोड़ना गलत होगा।

राज्य निर्वाचन आयोग से भी अपील

मोतीलाल यादव ने राज्य सरकार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग से भी अपील की है। उन्होंने कहा कि यूपी पंचायत चुनाव समय पर कराने के लिए आयोग गठन जल्दी पूरा होना चाहिए। अगर आयोग नहीं बना तो आरक्षण तय नहीं हो पाएगा और चुनाव में समस्या आएगी। उनका आरोप है कि यह मामला कई महीनों से लंबित है, जबकि चुनाव नजदीक हैं।

क्यों है आयोग का गठन इतना जरूरी?

ओबीसी आयोग बनने के बाद यह पिछड़े वर्ग की स्थिति का रैपिड सर्वे करेगा। सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ही पंचायतों में सीटों का आरक्षण तय होगा। अगर यह प्रक्रिया समय पर नहीं हुई तो यूपी पंचायत चुनाव टल सकते हैं, जो कानूनी चुनौती का सामना कर सकता है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग गठन में देरी से पंचायत चुनाव प्रभावित हो सकते हैं। बता दें कि मई से जुलाई के बिच ग्राम प्रधानों सहित अन्य सभी पदाधिकारियों का कार्यकाल खत्म होने वाला है। ऐसे में इससे पहले चुनाव कराना चुनाव आयोग के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।

Updated on:
27 Feb 2026 10:15 am
Published on:
27 Feb 2026 10:15 am