लखनऊ

UP के लोगों के लिए Good News; प्रदेश के 21 हाईवे बनेंगे फोरलेन, स्पीड लिमिट होगी 100 KM/H, जानें ताजा अपडेट

Uttar Pradesh Highways Project: उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने उत्तर प्रदेश के 21 हाईवे को 4 लेन में विकसित करने का निर्णय लिया है। सरकार के इस प्रोजेक्ट से यात्रा का समय बचेगा, पूरी खबर पढ़िए…
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Updated: 4 Jun 2026, 10:08 PM IST
Ganga Expressway Megaplan
गंगा एक्सप्रेसवे पर बनेगा इंडस्ट्रियल हब (सांकेतिक AI इमेज)

उत्तर प्रदेश सरकार एक्सप्रेस-वे और नेशनल हाईवे के साथ-साथ स्टेट हाईवे को भी विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। प्रदेश में फिलहाल करीब 142 स्टेट हाईवे हैं। इनमें से 107 को पहले ही 10 मीटर चौड़ा कर फोरलेन किया जा चुका है। अब शेष सड़कों को भी फोरलेन बनाने की बड़ी पहल शुरू हो गई है।

UP के 21 स्टेट हाईवे होंगे फोरलेन

लोक निर्माण विभाग ने उत्तर प्रदेश के 21 स्टेट हाईवे को फोरलेन में तब्दील करने का काम शुरू कर दिया है। इन सड़कों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। योगी सरकार को इसका प्रस्ताव भी भेज दिया गया है। इन 21 हाईवे पर दिसंबर 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ये सड़कें करीब 18 जिलों से होकर गुजरती हैं।

18 जिलों को होगा फोरलेन हाईवे का फायदा

उत्तर प्रदेश में विकसित किए जा रहे 21 स्टेट हाईवे से 18 जिलों को फायदा होगा। इनमें वाराणसी के 3, हरदोई के 2 और अमेठी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, देवरिया, कुशीनगर, जालौन, फर्रुखाबाद, लखनऊ, मुरादाबाद, बुलंदशहर, मेरठ, सोनभद्र, संभल, मुजफ्फरनगर, चंदौली और जौनपुर के 1-1 हाइवे शामिल हैं। वर्तमान में ये सड़कें 7 से 14 मीटर चौड़ी हैं, जिन्हें 14 से 25 मीटर चौड़ा किया जाएगा।

वाहनों की स्पीड लिमिट होगी 90-100 किमी/घंटा

विकसित किए जा रहे फोरलेन हाइवे पर काम पूरा होने के बाद स्पीड लिमिट बढ़ जाएगी। इन हाईवे पर स्पीड लिमिट 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो जाएगी। मौजूदा समय में इन हाइवे पर वाहनों की अधिकतम स्पीड 70-80 किलोमीटर प्रति घंटा है।

यात्रा का समय बचेगा

फोरलेन हाइवे विकसित होने के बाद यात्रा का समय कम होगा। इसके साथ ही ईंधन की बचत भी होगी। इन 21 हाईवे के फोरलेन हो जाने के बाद शेष बचे 14 स्टेट हाईवे को भी चरणबद्ध तरीके से फोरलेन बनाने का काम किया जाएगा। इससे पूरे प्रदेश में स्टेट हाईवे नेटवर्क मजबूत बनेगा और कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यह विकास कार्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करेगा, व्यापार को बढ़ावा देगा और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।