Domestic Flights Fare : प्राइवेट विमानन कंपनियां मनमाना किराया न वसूले इसके लिए लागू किए गए थे नियम कंपनियों की व्यवस्था की मॉनिटरिंग खुद सिविल एविएशन मिनिस्ट्री की ओर से की जा रही है
नई दिल्ली। कोरोना काल के दौरान काफी समय तक हवाई यात्रा पर रोक थी। हालांकि बाद में अनलॉक के दौरान घरेलू यात्रा (Domestic Flights Service) की अनुमति दे दी गई। मगर फ्लाइट्स के दोबारा संचालान और नुकसान की भरपाई के चलते विमानन कंपनियां (Private Airlines) मनमाने तरीके से किराया वसूलने लगीं। इसी पर लगाम लगाने के मकसद से एविएशन मंत्रालय ने पहले एक फेयर बैंड्स की व्यवस्था का ऐलान किया था। इस नियम को 24 फरवरी तक ऐसे ही जारी रखा जाएगा। ऐसे में फरवरी तक घरेलू विमान यात्रा के किराये (Domestic Flights Fare) में बढ़ोत्तरी नहीं होगी।
21 मई को बनाए गए फेयर बैंड्स व्यवस्था में किसी तरह की गड़बड़ी न हो इसके लिए सिविल एविएशन मिनिस्ट्री (Civil Aviation Ministry) खुद इसकी मॉनिटरिंग कर रही है। मंत्रालय की ओर से रोजाना एयर ट्रैफिक की निगरानी की जा रही है। चूंकि दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के चलते पैसेंजर्स की संख्या में बढ़ोत्तरी की उम्मीद है। ऐसे में आने वाले समय में अपर फेयर कैप यानी ऊपरी सीमा को नार्मल कैपेसिटी से 70-75% तक बढ़ाया जा सकता है।
1 नवंबर तक के सरकारी आंकड़ों के अनुसार कोरोना काल के शुरुआती दौर में एयरलाइंस कंपनियों को अपनी क्षमता के 33 फीसदी लोगों के साथ उड़ान सेवा शुरू करने की इजाजत दी गई थी। उस समय रोजाना औसतन 30000 यात्री ही हवाई यात्रा करते थे। हालांकि वक्त के साथ इसकी संख्या में इजाफा हुआ है। बताया जाता है कि अब डेली पैसेंजर ट्रैफिक की तादाद 2.05 लाख से अधिक हो गई है। फेस्टिव सीजन में इस संख्या के और बढ़ने की संभावना है।