10 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Bulldozer action: विधवा बहन के घर पर चला बूलडोजर, नाराज भाजपा मंडल महामंत्री ने दिया इस्तीफा, कहा- किसी ने सपोर्ट नहीं किया

Bulldozer action: मैनपाट के रोपाखार स्थित शासकीय भूमि पर बने मकान को प्रशासन ने किया ध्वस्त, भाजपा नेता ने प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का लगाया आरोप

2 min read
Google source verification
Bulldozer action

Bulldozer run on encroachment (Photo- Patrika)

अंबिकापुर। मैनपाट के रोपाखार में शासकीय जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए विधवा महिला के मकान को शुक्रवार की सुबह प्रशासन ने बूलडोजर चलाकर ध्वस्त (Bulldozer action) कर दिया। विधवा का कहना है कि मैनपाट में कई स्थानों पर अवैध मकान बने हैं, लेकिन प्रशासन उनपर कार्रवाई नहीं कर रहा है। इधर कार्रवाई से नाराज विधवा महिला के भाई मैनपाट भाजपा के मंडल महामंत्री ने प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले में पार्टी से भी अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने पर मंडल महामंत्री के पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

भाजपा मंडल अध्यक्ष मैनपाट को भेजे गए त्याग पत्र में मंडल महामंत्री गौतम पैकरा ने लिखा है कि उनकी विधवा बहन ग्राम रोपाखार में खसरा नंबर 853 के रकबा 2 हेक्टेयर में से 0.002 हेक्टेयर भूमि पर मकान (Bulldozer action) बनाकर निवास कर रही थी। उक्त भूमि का उसे वन अधिकार पत्र भी मिला था।

पति की मौत के बाद काबिज खसरा नंबर की जगह त्रुटीवश उसे खसरा नंबर 754 का वन अधिकार पत्र प्रदान किया गया। इसकी जानकारी लगते ही बहन द्वारा सरगुजा कलेक्टर के पास त्रुटी सुधार के लिए आवेदन लगाया गया था। इसी बीच अंबिकापुर निवासी आयुष गर्ग जिसकी भूमि शासकीय भूमि के पीछे स्थित है, की शिकायत पर तहसील मैनपाट द्वारा बहन के मकान को अवैध कब्जा बताकर तोड़ (Bulldozer action) दिया गया।

मंडल महामंत्री ने आरोप लगाया कि मैनपाट के रोपाखार, केसरा और नर्मदापुर पंचायत के दर्जनों गांवों में अवैध अतिक्रमण हटाने के आदेश वर्षों पूर्व पारित किए जाने के बाद भी आज तक नहीं हटाए (Bulldozer action) गए हैं।

Bulldozer action: पार्टी को भेजा त्याग पत्र

भाजपा मंडल महामंत्री ने पत्र में लिखा है कि गरीब, आदिवासी विधवा महिला (Bulldozer action) पर की गई कार्रवाई के अलावा प्रशासनिक व राजनीतिक सहयोग नहीं मिलने से वे क्षुब्ध हैं। उन्होंने लिखा कि वे व उनके पूरे परिवार ने वर्ष 1992 से पार्टी के लिए निष्ठापूर्वक कार्य किया। मुख्यमंत्री भी उन्हीं की जाति के हैं, इसके बाद भी कलेक्टर द्वारा पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की गई।

इसी वजह से वे पार्टी के मंडल महामंत्री, सक्रिय सदस्यता और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने इस्तीफा पत्र की प्रतिलिपि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, संगठन महामंत्री पवन साय व सरगुजा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया को भी प्रेषित (Bulldozer action) की है।

बड़ी खबरें

View All

अंबिकापुर

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग