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Bulldozer Action: अंबिकापुर में मेडिकल कॉलेज की जमीन पर अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन की सख्ती, 34 मकान ध्वस्त, पथराव भी हुआ

Bulldozer Action: अंबिकापुर में एक बार फिर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। मंगलवार को गंगापुर स्थित मेडिकल कॉलेज की जमीन पर कब्जा किए अतिक्रमणकारियों को हटाने के लिए राजस्व और प्रशासनिक टीम ने संयुक्त अभियान चलाया।

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गंगापुर में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर (फोटो सोर्स- पत्रिका)

गंगापुर में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Bulldozer Action: अंबिकापुर में एक बार फिर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। मंगलवार को गंगापुर स्थित मेडिकल कॉलेज की जमीन पर कब्जा किए अतिक्रमणकारियों को हटाने के लिए राजस्व और प्रशासनिक टीम ने संयुक्त अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान शुरूआत में स्थानीय लोगों ने विरोध किया। कुछ लोगों ने जेसीबी पर पथराव किया और मशीन के सामने खड़े होकर कार्रवाई रोकने की कोशिश की।

हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी और सक्रियता के चलते प्रशासन ने अभियान जारी रखा। प्रशासन ने जेसीबी की मदद से कुल 34 मकानों को जमींदोज कर दिया। वहीं दो मकान मालिकों ने हाईकोर्ट से स्टे आदेश प्राप्त कर रखा था, जिसके चलते उनके मकानों पर कार्रवाई नहीं की गई।

तहसीलदार उमेश्वर बाज ने बताया कि शहर के गंगापुर में मेडिकल कॉलेज के लिए 15 एकड़ भूमि आरक्षित है। इसमें कॉलेज के समीप 4 एकड़ भूमि पर 36 लोगों ने अतिक्रमण कर मकान बना रखा था। अतिक्रमण खाली करने के लिए प्रशासन द्वारा वर्ष 2020 से नोटिस दिया जा रहा था। इसके बावजूद भी लोग अतिक्रमण खाली नहीं कर रहे थे। अंतिम नोटिस 15 दिन पूर्व भी लोगों को दिया गया था। इसके बावजूद भी लोग अडिग थे और मकान को खाली नहीं किया था। मंगलवार की सुबह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। 36 में से 34 मकान को जेसीबी से जमींदोज कर दिया गया।

कब्जाधारियों ने किया पथराव

अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान लोगों ने जेसीबी टीम पर पथराव भी किया। इस पर पुलिस ने जेसीबी के सामने खड़े लोगों को हटाया। प्रशासन द्वारा समझाइश के बाद कार्रवाई शुरू की गई। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एसडीएम फागेश कुमार, एएसपी अमलोक सिंह ढिल्लो पूरे दिन मौके पर टीम के साथ सक्रिय रहे।

हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

एसडीएम फागेश सिन्हा ने बताया कि कब्जाधारी हाईकोर्ट गए थे। सुनवाई के बाद पिछले वर्ष बेदखली के आदेश हाईकोर्ट से दिए गए थे। इसके बाद प्रशासन द्वारा कब्जा खाली करने को लेकर लोगों को नोटिस दिया गया था। नोटिस के बाद लोग पुन: हाईकोर्ट गए थे। लेकिन कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया था।

15 से 20 वर्ष से रह रहे थे लोग

लोगों ने कहा कि हम लोग उक्त भूमि पर 15 से 20 वर्ष से रह रहे थे। शासन हमें बिजली, पानी भी मुहैया करा रही थी। शुरूआत में प्रशासन द्वारा कोई रोक टोक नहीं किया गया। अब हम लोगों को यहां से उजाड़ा जा रहा है। भरी गर्मी में हमलोग कहां जाएंगे। घर टूटने के बाद लोगों ने सामान को खुले मैदान में रखा था। वे चिलचिलाती धूप में भटकते रहे।