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Mobile phone की कीमतों में होने वाली है 3% की बढ़ोत्तरी,जानें इसके पीछे की खास वजह

मोबाइल की कीमतों में लगभग 3 फीसदी का इज़ाफा हो सकता है मोबाइल पार्ट्स के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए लगाया गया है शुल्क

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Mobile phone prices increased

नई दिल्ली। मोबाइल आज के समय में हर किसी की पहली आवश्यक्ता बन गई है। मोबाइल की बढ़ती मांग के बीच मोबाइल फोन के महंगा होने की खबरें भी आ रही हैं, इसकी मुख्य वजह है डिस्प्ले का महंगा होना। दरअसल मोबाइल की कीमतों में लगभग 3 फीसदी का इज़ाफा हो सकता है। इसकी मुख्य वजह है सरकार द्वारा डिस्प्ले के आयात पर 10 प्रतिशत का टैक्स लगाया जाना। इस बात की जानकारी शुक्रवार को इंडियन सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने दी। यह शुल्क सरकार एका-एक नहीं लगा रही है बल्कि 2016 में ही इसके विषय में सहमति बनी थी, जिसमें फेज्ड मैन्यूफैक्चरिंग प्रोग्राम (पीएमपी) के तहत डिस्प्ले असेंबली और टच पैनल पर 1 अक्टूबर से शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। इसके बाद की स्थिति पर बात करते हुए आईसीईए के नेशनल चेयरमैन ने कहा कि इस शुल्क का मोबाइल फोन की कीमतों पर 1.5 से 3 फीसदी तक का असर पड़ सकता है।

मोबाइल पार्ट्स के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए लगाया गया है शुल्क

पीएमपी का उद्श्य आयात को घटा कर देश में ही पार्ट्स के उत्पादन को प्रोत्साहित करना है। जानकार मानते हैं कि कोरोना महामारी के खराब दौर में एनजीटी एंबार्गो के कारण उद्योग का जितना विस्तार होना चाहिए उतना नहीं हो पाया है। एपल, हुआवेई, श्याओमी, वीवो और विंस्ट्रॉन जैसी कंपनियां आईसीईए की मेंम्बर हैं।

एलसीडी मैन्यूफैक्चरिंग के लिए 2016 में पहली यूनिट लगाने की सरकार से नहीं मिली थी मंजूरी

जानकार बताते हैं कि 2016 में अनिल अग्रवाल जो कि वेदांता ग्रुप के चेयरमैन हैं वही वोल्कन इन्वेस्टमेंट्स नाम की कंपनी को प्रमोट करने वाले थे जो देश की पहली एलसीडी मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट होती और यह ट्विनस्टार डिस्प्ले टेक्नोलॉजीज नाम के आने वाली थी इस प्रजोक्ट के लिए करीब 68,000 करोड़ रुपए का निवेश करने का प्लान था लेकिन इस प्रस्ताव को सरकार से मंजूरी नहीं मिल पाई और परियोजना अधर में लटक गई।

Updated on:
02 Oct 2020 10:37 pm
Published on:
02 Oct 2020 10:33 pm
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