
Jantar Mantar Protest: CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सौरव दास और आशुतोष रंका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि अगर सरकार असहमति की आवाज को दबाना चाहती है, तो उसे आधिकारिक तौर पर इमरजेंसी घोषित करने का साहस दिखाना चाहिए। नागपुर में दिपके ने वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे के विदेशी फंडिंग से जुड़े आरोपों पर भी जवाब दिया और सबूत सामने रखने की मांग की।
अभिजीत दीपके ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि असहमति और विरोध की आवाजों को दबाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने पीएम मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि अगर सरकार देश में विरोध प्रदर्शनों और अलग विचारों को पूरी तरह कुचलना ही चाहती है, तो उसे इन तरीकों के पीछे छिपने के बजाय आधिकारिक तौर पर देश में इमरजेंसी घोषित करने की हिम्मत दिखानी चाहिए।
नागपुर में CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गर आप इमरजेंसी लगाना चाहते हैं, तो आधिकारिक तौर पर लगाइए। आप इतने कायर क्यों बन रहे हैं? ये लोग सिर्फ आरोप क्यों लगा रहे हैं? आपके पास सभी संसाधन हैं, सभी जांच एजेंसियां हैं। सबूत सामने लाइए, जांच कीजिए और कार्रवाई कीजिए…।
महाराष्ट्र के नागपुर में मीडिया से बात करते हुए CJP संस्थापक ने वरिष्ठ अधिवक्ता और भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे द्वारा लगाए गए आरोपों का भी करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि साल्वे को अपने पास मौजूद तमाम सबूत तुरंत गृह मंत्री अमित शाह को सौंप देने चाहिए। दीपके ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियां और सभी संसाधन होने के बावजूद अमित शाह अब तक विदेशी फंडिंग के आरोपों को साबित नहीं कर पाए हैं और सबूत जुटाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में अगर किसी के पास कोई ठोस प्रमाण है, तो उसे जांच एजेंसियों के सामने रखना चाहिए।
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने को लेकर विवाद बढ़ गया है। CJP से जुड़े अजिंक्य शिंदे का दावा है कि संगठन के दो कार्यकर्ताओं सौरव दास और अशुतोष को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। शिंदे ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामला सिर्फ प्रदर्शन का नहीं, बल्कि लोगों के मौलिक अधिकारों से भी जुड़ा है। उन्होंने सरकार की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है।
CJP नेता अजिंक्य शिंदे ने कहा कि उनकी टीम जंतर-मंतर पर तिरंगा लेकर पहुंची थी और वहां ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए थे। इसके बाद कार्यकर्ताओं को जेल भेजे जाने की कार्रवाई पर उन्होंने नाराजगी जताई। शिंदे ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी ताकत का इस्तेमाल विरोध की आवाज दबाने के लिए कर रही है। उन्होंने बताया कि अशुतोष को उनके जन्मदिन के दिन ही जेल भेज दिया गया। शिंदे के मुताबिक, पांच दिन की हिरासत से संगठन के कार्यकर्ताओं का हौसला कम नहीं हुआ है, बल्कि उनका इरादा और मजबूत हुआ है। उन्होंने दावा किया कि सौरव दास और अशुतोष पूरे आत्मविश्वास के साथ जेल गए और अपने रुख से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।