
Eknath Shinde Farmers News: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि सूखा प्रभावित इलाकों के किसानों की दिवाली फीकी नहीं पड़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को अपने बच्चों के साथ दिवाली मनाने का अवसर मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से सरकार ने प्रभावित गांवों में सूखा और अभावग्रस्त स्थिति घोषित की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रभावित किसानों को जरूरी सुविधाएं और मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को राहत देना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि आर्थिक संकट के बीच भी उनके परिवार त्योहार मना सकें।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शिवसेना हमेशा किसानों के साथ खड़ी रही है। उन्होंने पिछले साल का जिक्र करते हुए कहा कि शिवसेना की ओर से लाखों लोगों और किसानों तक बड़े पैमाने पर दिवाली किट पहुंचाई गई थीं। शिंदे ने कहा कि इस बार भी सूखा प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकारी सहायता से प्रभावित परिवारों को दिवाली के दौरान राहत मिलेगी।
एकनाथ शिंदे के मुताबिक, सूखा और अभावग्रस्त घोषित किए गए गांवों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं और निर्धारित मुआवजा दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सूखे की मार झेल रहे किसान और उनके परिवार त्योहार के समय खुद को असहाय महसूस न करें।
महाराष्ट्र में इस साल कम बारिश और लंबे समय तक बारिश नहीं होने के कारण सूखे की स्थिति गंभीर हुई है। राज्य सरकार ने पहले 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया था, लेकिन बाद में 40 और तालुकाओं को शामिल किए जाने के बाद यह संख्या बढ़कर 305 तालुका हो गई। सूखे का असर मराठवाड़ा, विदर्भ, नासिक और छत्रपति संभाजीनगर सहित राज्य के कई क्षेत्रों में देखा जा रहा है। बीड, लातूर, नांदेड़, अमरावती, अकोला, यवतमाल, नासिक और धुले जैसे जिलों में फसलों को नुकसान, पानी की कमी और पशुओं के चारे की समस्या सामने आई है। सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए कदम उठाए हैं और दिवाली से पहले किसानों के खातों में 5,000 रुपये की शुरुआती आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।