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Maharashtra Politics: शिवसेना में बगावत के पीछे क्या थी वजह? आखिरकार एकनाथ शिंदे ने खोला राज, किया बड़ा खुलासा

Eknath Shinde: एकनाथ शिंदे ने शिवसेना में बगावत को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर वे हिम्मत नहीं दिखाते तो महाराष्ट्र 15-20 साल पीछे चला जाता।
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Oct 18, 2026
Eknath Shinde
एकनाथ शिंदे। फाइल फोटो- पत्रिका

Shiv Sena: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि अगर उन्होंने हिम्मत नहीं दिखाई होती तो महाराष्ट्र 15-20 साल पीछे चला जाता। उन्होंने शिवसेना में बगावत के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसी वजह से महाविकास अघाड़ी सरकार गिर गई थी। एकनाथ शिंदे अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से महायुति के उम्मीदवार किरण सरनाईक के प्रचार के लिए अमरावती पहुंचे थे। यहां एमडब्ल्यू मंगल कार्यालय में आयोजित सभा में उन्होंने शिक्षकों की मांगों, किसानों की सहायता और विधान परिषद चुनाव को लेकर अपनी बात रखी।

प्रीति रेवने के नाम वापस लेने पर जताया आभार

अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार प्रीति रेवने ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। शिंदे ने उनका आभार जताते हुए कहा कि महायुति मिलकर अमरावती विधान परिषद चुनाव जीतेगी। शिंदे ने शिवसेना में बगावत का जिक्र करते हुए कहा कि वह एक ऐतिहासिक फैसला था, जिसके चलते महाविकास अघाड़ी सरकार गिर गई। इस बयान के जरिए उन्होंने विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधा।

शिक्षकों की मांगें पूरी करने का आश्वासन

शिक्षकों के मुद्दे पर एकनाथ शिंदे ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना सहित शिक्षकों की अलग-अलग मांगों को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वह अपना वादा निभाते हैं और एक बार आश्वासन देने के बाद उसे पूरा करने का प्रयास करते हैं। शिंदे ने कहा कि शिक्षक हर व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महायुति के उम्मीदवार किरण सरनाईक शिक्षकों के काम करेंगे और उनके लिए निधि की कमी नहीं आने दी जाएगी।

किसानों को 5 हजार देने की बात कही

शिंदे ने राज्य में सूखे की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों के लिए सहायता राशि की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को दिवाली से पहले 5 हजार रुपए दिए जाएंगे। इसके बाद उन्हें मिलने वाली अन्य रियायतें भी दी जाएंगी।

अमरावती में महायुति के सामने चुनौती

अमरावती विभागीय शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा ने बागी उम्मीदवारों के खिलाफ कार्रवाई की है, लेकिन शिवसेना के शिंदे गुट के श्रीकांत देशपांडे अब भी चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में महायुति के सामने अपने उम्मीदवार किरण सरनाईक के पक्ष में समर्थन जुटाने की चुनौती बनी हुई है। महाराष्ट्र में पुणे और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों सहित विधान परिषद के पांच निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव हो रहे हैं। महायुति में पुणे की सीट भाजपा के पास है, जबकि अमरावती से शिवसेना ने किरण सरनाईक को उम्मीदवार बनाया है। इसी चुनाव के मद्देनजर वरिष्ठ नेता और मंत्री प्रचार में जुटे हैं।

Updated on:
18 Oct 2026 06:23 pm
Published on:
18 Oct 2026 06:15 pm