
Shiv Sena Eknath Shinde: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव (Maharashtra Legislative Council Elections) की सरगर्मी के बीच पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते दिख रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, पुणे संभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सानप को शिवसेना (शिंदे गुट) का समर्थन मिलने की पूरी संभावना है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आधिकारिक निवास स्थान 'नंदनवन' बंगले पर एक उच्चस्तरीय और महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को हुई। इस बैठक में पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी की भूमिका और आगामी रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मंत्री उदय सामंत, शंभूराज देसाई, प्रकाश आबिटकर, सांसद ओमराजे निंबालकर, भावना गवली, विधायक विजय शिवतारे, शहाजीबापू पाटील और पुणे के पूर्व विधायक रवींद्र धंगेकर समेत कई प्रमुख नेता मौजूद थे।
निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सानप प्रोफेसर हैं और वे मंत्री उदय सामंत के करीबी माने जाते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी बैठक में सचिन सानप को पार्टी का समर्थन देने को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई है और पार्टी के सभी प्रमुख नेताओं व पदाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए नेता रवींद्र धंगेकर ने कहा, "पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। पार्टी की भूमिका क्या होनी चाहिए और चुनाव किस तरह लड़ा जाना चाहिए, इस पर मार्गदर्शन किया गया है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंगेश चिवटे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है और अब महायुति की आगामी रणनीति को लेकर गहन चर्चा की गई है।
राज्य में वर्तमान में विधान परिषद की पांच सीटों के लिए चुनावी रणभूमि सजी हुई है। इनमें पुणे शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र, अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र, छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और नागपुर निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सभी पांचों सीटों पर कमोबेश बगावत देखने को मिली है, जिसके चलते सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास अघाड़ी गठबंधन (MVA) के आधिकारिक उम्मीदवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट महायुति में भाजपा (BJP) के कोटे में आई थी, जहां से भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवार मैदान में हैं। इस सीट से शिवसेना (शिंदे गुट) के मंगेश चिवटे भी चुनाव लड़ने के इच्छुक थे और उन्होंने अपना नामांकन दाखिल भी किया था। हालांकि, नाम वापस लेने के अंतिम दिन उन्होंने अपना पर्चा वापस ले लिया। इसके बावजूद, स्थानीय शिवसैनिकों की नाराजगी अभी पूरी तरह शांत नहीं हुई है। ऐसे में, निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सानप को शिवसेना का समर्थन मिलने की चर्चाओं ने इस चुनाव को दिलचस्प मोड़ पर ला दिया है।