
Kunal Chandgude family: वालूज एमआईडीसी क्षेत्र स्थित तिसगांव के पहाड़ी पर माता-पिता और बेटे के खाई में कूदकर आत्महत्या करने के दर्दनाक मामले में एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। घाटी अस्पताल में इकट्ठा हुए परिजनों और रिश्तेदारों के बयानों के बाद साफ हो गया है कि यह खौफनाक कदम किसी महंगे आईफोन या उसकी किस्तों (EMI) के विवाद का तात्कालिक नतीजा नहीं था, बल्कि परिवार में पिछले छह सालों से चला आ रहा गहरा कलह और मानसिक तनाव इसकी असली वजह था।
पुलिस और रिश्तेदारों से मिली विस्तृत जानकारी के मुताबिक, जालना जिले के कर्जत पिंपलगांव के मूल निवासी और हाल ही में जलता फाटा की अक्षयबन सोसाइटी में रह रहे मुरलीधर दामोदर चांदगुडे (48) पेशे से ट्रक चालक थे, जबकि उनकी पत्नी संगीता (42) गृहिणी थीं। मराठी टाईम्स की रिपोर्ट के अनुसार, करीब छह साल पहले उनके बड़े बेटे की एक गंभीर बीमारी के कारण मौत हो गई थी। इस असमय सदमे के बाद से ही परिवार में गहरे तनाव और रोज-रोज के झगड़ों का सिलसिला शुरू हो गया था। पारिवारिक क्लेश से तंग आकर मुरलीधर अक्सर घर से बाहर रहने लगे थे। वे पिछले तीन महीनों से घर से गायब थे और महज दो दिन पहले ही लौटे थे। हालांकि, घर लौटते ही 19 वर्षीय छोटे बेटे कुणाल और उनके बीच फिर से पुरानी अनबन शुरू हो गई।
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेजी से फैली थी कि कुणाल ने आईफोन 15 प्रो की किस्तें न भर पाने के विवाद में यह कदम उठाया। हालांकि, पुलिस उपायुक्त (DCP) रत्नाकर नवले ने आईफोन से जुड़ी इन बातों को अफवाह बताते हुए साफ किया कि यह मामला पूरी तरह से लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ है।
बताया जा रहा है कि करीब 6 साल पहले भाई की मौत का सदमा कुणाल के परिवार पर गहरा असर छोड़ गया था। इसके बाद लगातार पारिवारिक विवाद और तनाव की स्थिति बनी रही। घटना से करीब तीन महीने बाद घर लौटे पिता के साथ भी कुणाल की किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई थी। पुलिस अब इन सभी परिस्थितियों को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किन कारणों से कुणाल इतना तनाव में आया और मामला इस घातक मोड़ तक पहुंच गया।