
CJP Abhijeet Dipke: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास के समर्थन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले सामने आई हैं। उन्होंने दोनों नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय (HMO) से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी इस मामले में केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तिरंगा फहराना अपराध नहीं है।
दोनों नेताओं को जंतर-मंतर में कथित तौर पर अनधिकृत तरीके से प्रवेश करने और शांति बनाए रखने से संबंधित शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया है।
बारामती की लोक सभा (LS) सांसद सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना कोई अपराध नहीं है।
सुले ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से मामले में हस्तक्षेप कर दोनों की जल्द से जल्द रिहाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा के लिए सभी को साथ खड़ा होना चाहिए।
उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि असहमति लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और प्रत्येक भारतीय को बिना किसी डर के अपनी आवाज उठाने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
इससे पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी इस मामले को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराना अपराध नहीं है और इसके लिए युवाओं को जेल में डालना कायरता है।
राहुल गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर देश के लोगों का है और विपक्ष इसे फिर से हासिल करेगा। पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर को अब अधिसूचित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी दोनों नेताओं की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका जानते थे कि जंतर-मंतर पर जाने के बाद उन्हें जेल भेजा जा सकता है, फिर भी उन्होंने वहां जाकर तिरंगा फहराया।
दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता के सामने झुकने के बजाय विरोध करना जरूरी है। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि सार्वजनिक स्थान पर तिरंगा फहराने के कारण भारतीयों को जेल भेजे जाने की याद उन्हें ब्रिटिश शासन के दौर की दिलाती है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को मंगलवार तड़के हिरासत में लिया गया था। आरोप है कि उन्होंने अवरोधक पार कर बिना अनुमति जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रवेश किया, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए और वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
पुलिस ने बताया कि दोनों को शांति बनाए रखने के मुचलके से संबंधित शर्तों की कथित अवहेलना और अनधिकृत प्रवेश के मामले में बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत के लिए तिहाड़ जेल भेज दिया गया। वहीं, उनके एक अन्य सहयोगी अजिंक्य शिंदे को 5,000 रुपये के निजी मुचलके और अच्छे आचरण की शर्त पर रिहा कर दिया गया है।
पीटीआई के मुताबिक, उनके खिलाफ अनधिकृत प्रवेश, निषेधाज्ञा के उल्लंघन, शांति बनाए रखने के बंधपत्र की कथित अवहेलना और सरकारी कर्मचारी को आधिकारिक कर्तव्य निभाने से रोकने सहित विभिन्न आरोपों में मामला दर्ज किया गया है।