महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा, उनके स्वास्थ्य, स्वावलंबन और अधिकारों से जुड़े विभिन्न गंभीर मुद्दों पर राज्य महिला आयोग की सदस्य साधना स्थापक ने विस्तार से समीक्षा की। जिले से महिलाओं और बालिकाओं के गायब होने के मामलों पर चिंता व्यक्त की।
State Women's Commission नरसिंहपुर. कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा, उनके स्वास्थ्य, स्वावलंबन और अधिकारों से जुड़े विभिन्न गंभीर मुद्दों पर राज्य महिला आयोग की सदस्य साधना स्थापक ने विस्तार से समीक्षा की। जिले से महिलाओं और बालिकाओं के गायब होने के मामलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसे प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। कहा कि महिला सशक्तिकरण और उनकी सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने ऑपरेशन मुस्कान की समीक्षा की, ऑपरेशन अपराजिता और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। जिससे समाज में जागरूकता बढ़े और बालिकाओं के लिंगानुपात व शिक्षा की स्थिति में सुधार हो। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में आधार कार्ड और बैंक खाता लिंक होने संबंधी आ रही तकनीकी समस्याओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। बैठक में सीएमएचओ डॉ. मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि पिछले 5-6 महीनों में जिले के मातृ मृत्यु अनुपात में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पूर्व में जहाँ एमएआर का आंकड़ा 176 हुआ करता था, वहीं प्रभावी प्रयासों के चलते यह आंकड़ा घटकर अब 104 पर आ गया है, जो राज्य के औसत एमएआर (170) की तुलना में बहुत बेहतर और सराहनीय स्थिति में है। बैठक में कलेक्टर रजनी सिंह, एसपी डॉ. ऋषिकेश मीणा, सीईओ जिला पंचायत गजेंद्र सिंह नागेश, एएसपी संदीप भूरिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग राधेश्याम वर्मा और महिला एवं बाल विकास विभाग सहायक संचालक प्रांजली मर्सकोले सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
परियोजना में लक्ष्य की पूर्ति
सीईओ जिला पंचायत नागेश ने बताया कि एक बगिया मां के नाम परियोजना के तहत जिले को 610 का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसे सफलतापूर्वक शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। स्थापक ने इस उपलब्धि की प्रशंसा की। पारिवारिक विवादों को सुलझाने के लिए परिवार परामर्श केंद्रों का संचालन सुचारू रूप से करने के निर्देश दिए। बैठक में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडऩ रोकने हेतु कमेटियों के गठन की स्थिति की समीक्षा की गई।