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Abhijeet Dipke Bail: अभिजीत दीपके को किन शर्तों पर मिली जमानत? जानें

Abhijeet Dipke Granted Conditional Bail: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली की विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट अदालत ने सशर्त जमानत दे दी है। उन्हें 50 हजार रुपये का निजी मुचलका भरने और एक साल तक शांति बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
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Oct 17, 2026
CJP Protest
अभिजीत दीपके को कोर्ट से मिली जमानत (Photo-IANS)

Abhijeet Dipke Bail: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को शनिवार को मंदिर मार्ग स्थित विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत से सशर्त जमानत मिल गई। कोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये का निजी मुचलका भरने का निर्देश दिया है। वहीं दीपके के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई थी। जमानत की शर्तों के मुताबिक, उन्हें एक साल तक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखनी होगी। जमानत मिलने के बाद उनके जल्द रिहा होने की उम्मीद है।

बता दें कि शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, उनके खिलाफ BNSS की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई।

प्रदर्शन से पहले घर पहुंची थी पुलिस

दरअसल, CJP के प्रस्तावित मार्च से पहले अभिजीत दीपके के आवास पर 20 से अधिक पुलिसकर्मी पहुंचे थे और उन्हें दो नोटिस दिए थे। पहले नोटिस में कनॉट प्लेस के आसपास प्रदर्शन, जुलूस या रैली आयोजित नहीं करने की हिदायत दी गई थी। पुलिस ने आशंका जताई थी कि इस तरह के आयोजन से भगदड़ की स्थिति पैदा हो सकती है और यातायात प्रभावित हो सकता है।

वहीं दूसरा नोटिस जमानत बांड की शर्तों के कथित उल्लंघन से संबंधित था। विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट की ओर से जारी इस नोटिस में दीपके के साथ CJP के सह-नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका का भी उल्लेख किया गया था।

नोटिस में कहा गया था कि इससे पहले भी तीनों को एहतियातन हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया गया था। उस समय उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छे आचरण का पालन करने का निर्देश दिया गया था।

10 अक्टूबर को भी हिरासत में लिए गए थे तीनों नेता

दरअसल, 10 अक्टूबर को भी विरोध प्रदर्शन से पहले सीजेपी नेता अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें दिल्ली कैंट पुलिस थाने में स्थित विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया था।

बाद में तीनों को 50-50 हजार रुपये के जमानत मुचलके भरने और एक साल तक शांति एवं अच्छे आचरण को बनाए रखने का आश्वासन देने के बाद रिहा कर दिया गया था।

पुलिस ने मार्च की अनुमति देने से किया था इनकार

CJP ने शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च आयोजित करने की घोषणा की थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने मार्च की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

पुलिस ने इसके लिए BNSS की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का हवाला दिया था। इस आदेश के तहत कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में लोगों के बड़े जमावड़े पर प्रतिबंध लगाया गया था।

Updated on:
17 Oct 2026 05:21 pm
Published on:
17 Oct 2026 05:00 pm