
Anthropic research: अब साइबर हमलों का खतरा सिर्फ कंप्यूटर और मोबाइल तक सीमित नहीं रह सकता। आने वाले समय में स्मार्ट टीवी, सिक्योरिटी कैमरे, फ्रिज और दूसरे इंटरनेट से जुड़े घरेलू उपकरण भी निशाने पर हो सकते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) की मदद से तैयार होने वाला ‘वर्म’ एक डिवाइस से दूसरे तक फैलने की क्षमता विकसित कर सकता है। चिंता की बात यह है कि ऐसे सिस्टम को चलाने के लिए किसी डेटा सेंटर की जरूरत नहीं पड़ती।
कंप्यूटर वर्म एक तरह का मैलवेयर है, जो खुद को दूसरे सिस्टम तक फैला सकता है। एआइ वर्म की आशंका इससे आगे की है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से अलग-अलग उपकरणों की कमजोरियां पहचानने और उनके अनुसार काम करने की क्षमता जुड़ सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ऐसे हमले अभी सभी स्मार्ट डिवाइस पर हो रहे हैं।
टेक कंपनी एंथ्रोपिक के शोधकर्ताओं ने कम कीमत वाले 15 एंड्रॉयड टीवी बॉक्स को जोडक़र एआइ मॉडल चलाने का प्रयोग किया। रिपोर्ट के मुताबिक, इन उपकरणों की संयुक्त कंप्यूटिंग क्षमता का इस्तेमाल मॉडल चलाने में किया गया। इससे यह संभावना सामने आई कि छोटे उपकरण मिलकर भी एआइ का काम कर सकते हैं। हालांकि, यह प्रयोग अपने आप में इस बात का प्रमाण नहीं है कि एआइ वर्म वास्तविक दुनिया में आसानी से फैल सकता है।
मान लीजिए, किसी स्मार्ट टीवी या कैमरे का सॉफ्टवेयर पुराना है और उसमें सुरक्षा की कमजोरी मौजूद है। हमलावर इसका फायदा उठाकर डिवाइस में मैलवेयर डाल सकता है। यदि मैलवेयर दूसरे उपकरणों की कमजोरियां खोजने और खुद को फैलाने में सक्षम हो, तो घर के नेटवर्क में जुड़े अन्य डिवाइस भी खतरे में आ सकते हैं। ऐसी स्थिति में केवल एक केंद्रीय सर्वर बंद करना पर्याप्त नहीं होगा।
स्मार्ट टीवी और राउटर का सॉफ्टवेयर अपडेट रखें।
डिफॉल्ट पासवर्ड बदलकर मजबूत पासवर्ड लगाएं।
अनजान ऐप इंस्टॉल करने से बचें।
वाइ-फाइ नेटवर्क को सुरक्षित रखें और अनजान डिवाइस हटाएं।