
Sudhanshu Trivedi: भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने दिल्ली में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इनके जरिए देश की अर्थव्यवस्था को बाधित करने की कोशिश तो नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय और मध्य दिल्ली के प्रमुख इलाकों में ही प्रदर्शन क्यों किए जा रहे हैं। त्रिवेदी ने युवाओं से अपील की कि वे सोच-समझकर कदम उठाएं और किसी के मोहरे न बनें। त्रिवेदी ने कांग्रेस, विपक्षी गठबंधन और वामपंथी दलों पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि इन दलों को जनता का समर्थन कम मिल रहा है और आलोचक इनके भीतर नैतिक गिरावट की बात भी उठा रहे हैं। उनके अनुसार, राजनीतिक समर्थन घटने के कारण इन दलों के लिए सफलता हासिल करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी माहौल में ‘रेजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। भाजपा सांसद ने कहा कि सत्ता परिवर्तन की इस अवधारणा का संबंध हिंसक संघर्ष, साजिश या विदेशी ताकतों के साथ मिलकर किसी सरकार को हटाने के प्रयासों से भी हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग ऐसे प्रयासों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।
त्रिवेदी ने दिल्ली के कनॉट प्लेस का जिक्र करते हुए कहा कि सप्ताहांत में वहां पहले से ही बड़ी संख्या में लोग आते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि विरोध-प्रदर्शन इन्हीं इलाकों में क्यों किए जा रहे हैं और त्योहारों के समय ही इन्हें आयोजित करने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने आशंका जताई कि इन प्रदर्शनों से देश की अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन पर असर पड़ सकता है।
दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के कारण कारोबार प्रभावित होने की बात व्यापारिक संगठनों ने भी कही है। गांधीनगर स्थित सुभाष रोड एसोसिएशन ऑफ होलसेल रेडीमेड गारमेंट मार्केट के अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि सरकार से नाराजगी जताने के लिए ऐसा तरीका अपनाया जाना चाहिए, जिससे लोगों को लगे कि प्रदर्शन समाज के हित में है। यदि लोगों के बीच देश को अस्थिर करने का संदेश जाता है, तो जनता की सहानुभूति मिलना मुश्किल होगा।
विकास मार्ग ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता ने दावा किया कि दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शनों से पिछले ढाई से तीन महीनों से जनजीवन और व्यापार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम में दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनके अनुसार, यमुनापार और विकास मार्ग सहित दिल्ली के कई बाजारों में कारोबार घटा है और व्यापारियों को हजारों करोड़ रुपए के नुकसान का सामना करना पड़ा है। गुप्ता ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान जाम और अप्रिय घटना की आशंका के कारण ग्राहक बाजार आने से बचते हैं। इससे बाजार खुले रहने के बावजूद दुकानों पर ग्राहकों की संख्या कम हो जाती है।