
BJP Parliamentary Board: पिछले दिनों 12 अक्टूबर को 6 राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति की गई। इनमें से 2 राज्यपालों का तबादला और 4 नए राज्यपालों की नियुक्ति की गई थी। ओमप्रकाश माथुर को सिक्किम की जगह अब केरल का राज्यपाल बनाया है। वहीं राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को केरल की जगह तमिलनाडु का राज्यपाल बनाया गया है। बीजेपी संसदीय बोर्ड की सदस्य सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल बनाया है। इससे पहले थावरचंद गहलोत कर्नाटक के राज्यपाल थे। राज्यपालों की नियुक्ति के साथ की एक बार फिर से बीजेपी में तीन बड़े फेरबदल की अटकलें तेज हो गई है।
6 राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति के साथ ही जल्द ही बीजेपी के अंदर तीन बड़े बदलाव हो सकते हैं, जिसमें संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति का पुनर्गठन और केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है।
बीजेपी संसदीय बोर्ड की सदस्य सुधा यादव की सदस्य को कर्नाटक का राज्यपाल बनाया है। सुधा यादव के राज्यपाल बनने के बाद बीजेपी के संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति में जगह खाली हुई है। इसमें दो मुख्यमंत्रियों देवेंद्र फडणवीस और योगी आदित्यनाथ को शामिल किया जा सकता है। दरअसल, 2022 में पार्टी में संगठनात्मक निकायों का पुनर्गठन हुआ था, तब दोनों नेताओं को जगह नहीं मिली थी। माना जाता है कि उस समय पद पर बने मुख्यमंत्रियों को जानबूझकर बोर्ड से बाहर रखा गया था।
बता दें कि पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके अलावा मोदी सरकार में एक भी सिख नेता मंत्री नहीं है। इससे पहले रवनीत सिंह बिट्टू और हरदीप सिंह पुरी दो सिख नेता मंत्री थे। लेकिन बीजेपी ने दोनों ही नेताओं को दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा है। ऐसे में अटकलें लगाई जा रही है कि आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए किसी सिख नेता को संसदीय बोर्ड में जगह मिल सकती है। यह नियुक्ति पूर्व IPS अधिकारी इकबाल सिंह लालपुरा की जगह हो सकती है जो 2022 में बोर्ड में शामिल होने वाले पहले सिख नेता बने थे।
जेपी नड्डा की जगह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने नतीन नवीन ने मई में राज्यों के पार्टी अध्यक्षों में बदलाव करना शुरू कर दिया था। वहीं 17 अगस्त को उन्होंने अपनी नई टीम की घोषणा की। जिसमें 8 महासचिवों में से महज दो को ही बरकरार रखा। इसके अलावा 23 सितंबर को राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राज्यों के प्रभारियों के नामों का ऐलान किया।
बीजेपी ने एक अपनी नई रणनीति बनाई है। दरअसल, पार्टी ने संगठन में जगह नहीं मिली नेताओं को राजभवन भेजा रहा है। नवीन की टीम में दुष्यंत गौतम को जगह नहीं मिली थी। लेकिन अब उन्हें सिक्किम का राज्यपाल बनाया है।
लोकसभा चुनाव 2024 में संतोष गंगवार को पार्टी ने टिकट नहीं दिया था। इसके बाद पार्टी ने उन्हें दो महीने के भीतर झारखंड का राज्यपाल बना दिया था।
संसदीय बोर्ड बीजेपी की सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली संस्थाओं में से एक है। पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में इसकी भूमिका बेहद अहम मानी जाती है।
पार्टी अध्यक्ष संसदीय बोर्ड के पदेन अध्यक्ष होते हैं। संगठन महासचिव भी इसकी कार्यप्रणाली में अहम भूमिका निभाते हैं।