
BJP On Vande Mataram: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को अपनी नई टीम की बैठक ली। इस बैठक में उस फैसले की निंदा करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें कांग्रेस के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के केवल पहले दो अंतरों का गायन करने तक सीमित करने का निर्णय लिया गया है। बीजेपी मुख्यालय में हुई पार्टी की बैठक से पहले नेताओं ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के सभी छह अंतरों का सामूहिक गायन किया।
बीजेपी ने कहा कि छह अंतरों वाला राष्ट्रगीत का पूर्ण संस्करण भारत की राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत का प्रतिनिधित्व करता है। पार्टी ने कहा कि वह ‘वंदे मातरम’ को सांप्रदायिक दबाव, राजनीतिक तुष्टीकरण या वोट बैंक की राजनीति के अधीन करने के किसी भी प्रयास का विरोध करेगी।
बीजेपी ने ‘वंदे मातरम’ के इतिहास, महत्व और विरासत को लोगों तक पहुंचाने के लिए देशव्यापी अभियान चलाने की भी घोषणा की। इस अभियान में खास तौर पर युवा पीढ़ी को राष्ट्रगीत के इतिहास और महत्व के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया जाएगा।
यह केवल किसी राजनीतिक दल से जुड़ा विषय नहीं है। यह भारत के सम्मान और उन असंख्य देशभक्तों की विरासत का प्रश्न है, जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
भारतीय जनता पार्टी देशवासियों से आह्वान करती है कि वे स्मरण रखें- वंदे मातरम के शब्द कभी इतने शक्तिशाली थे कि एक साम्राज्य उनसे भयभीत हो उठा था। अंग्रेजों ने इन्हें दबाने का प्रयास इसलिए किया क्योंकि इन शब्दों ने प्रतिरोध की चेतना जगाई थी। पीढ़ियों के भारतीयों ने इन्हें स्वतंत्रता, बलिदान और राष्ट्र गौरव के मंत्र के रूप में अपनाया। इस विरासत को आज की वोट-बैंक राजनीति की गणित में सीमित नहीं किया जा सकता। 1947 में भारत की स्वतंत्रता का जयघोष 'वंदे मातरम्' था, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में 2047 के 'विकसित भारत' का महाघोष भी 'वंदे मातरम' ही होगा।