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विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों पर TVK का जवाब, मंत्री ने बताई पार्टी की रणनीति

AIADMK MLA Resignation: तमिलनाडु में AIADMK के बागी विधायकों को लेकर सियासी हलचल जारी है। मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के बाद TVK के स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने कहा कि उनकी पार्टी विपक्षी विधायकों को अपने पाले में लाने के लिए कोई अभियान नहीं चला रही है।
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Oct 14, 2026
CM Vijay
तमिलनाडु सीएम विजय (Photo-ANI)

Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की राजनीति में AIADMK के विधायकों का तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की पार्टी में शामिल होने वाला मुद्दा अब नया मोड़ ले रहा है। मंगलवार को मद्रास हाईकोर्ट ने AIADMK के व 6 बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर करने के विधानसभा स्पीकर के फैसले को सही ठहराया था। इसके बाद आज टीवीके पार्टी के मंत्री के.जी. अरुणराज का बड़ा बयान सामने आया है। तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज कहते हैं कि टीवीके पार्टी का ऐसा कोई मिशन नहीं है कि विपक्षी पार्टियों के विधायकों को खरीद कर अपनी पार्टी में शामिल करें।

'अपनी मर्जी से आएंगे तो देखेंगे'

अरुणराज ने बुधवार को कहा कि सत्ताधारी टीवीके सक्रिय रूप से दल-बदल को बढ़ावा नहीं देगी, लेकिन अगर AIADMK के विधायक अपनी ही लीडरशिप को नकारकर पाला बदलने का फैसला करते हैं, तो टीवीके इस पर विचार कर सकती है। उन्होंने कहा कि AIADMK विधायकों को टीवीके में लाने का हमारा कोई मिशन नहीं है।

हाई कोर्ट ने क्या फैसला दिया?

मंगलवार को मद्रास हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन की पीठ ने AIADMK को झटका देते हुए कहा कि 6 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार करने का विधानसभा अध्यक्ष का फैसला सही है। इनमें से दो विधायक उपचुनाव में टीवीके की तरफ से लड़कर जीत गए हैं। लेकिन कोर्ट ने कहा कि बचे हुए चार विधायकों के खिलाफ लंबित दल-बदल से जुड़ी अयोग्यता की कार्यवाही इस्तीफे स्वीकार होने के बाद भी जारी रहेगी।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला तमिलनाडु की राजनीति में AIADMK के विधायकों के संभावित दल-बदल से जुड़ा है। अभिनेता विजय की पार्टी (TVK) 2026 के विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनी और सरकार चला रही है। वहीं, AIADMK विपक्षी पार्टी है। इसके कुछ विधायकों ने पार्टी व्हिप के खिलाफ जाकर टीवीके सरकार के विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया था।

इनमें से 6 ने इस्तीफा देकर टीवीके जॉइन कर ली। दो विधायक उपचुनाव में टीवीके टिकट पर फिर जीत गए। AIADMK ने इसे विधायकों की खरीद-बिक्री कहा और दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता की मांग की। इसके बाद मद्रास हाईकोर्ट ने इन इस्तीफों को सही ठहराया। लेकिन अयोग्यता की प्रक्रिया जारी रखने को कहा।

Updated on:
14 Oct 2026 03:25 pm
Published on:
14 Oct 2026 03:25 pm