
Rahul Gandhi Police Station Video: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को जमकर बवाल देखने को मिला। दरअसल, जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के दौरान पैलेट गन फायरिंग में घायल हुए छात्र साहिल लोचब और उनकी मां के साथ शिकायत दर्ज कराने कांग्रेस सांसद गांधी DCP कार्यालय पहुंचे थे। हालांकि बाद में पुलिस ने छात्र की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली।
सोशल मीडिया पर थाने के अंदर का राहुल गांधी का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। दरअसल, थाने में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की फोटो लगी हुई थी। जिसे देखकर राहुल गांधी भड़क गए।
उन्होंने वहां मौजूद पुलिसकर्मी से पूछा- आपके इंचार्ज अमित शाह है क्या? डिपार्टमेंट को क्या अमित शाह चलाते है? उनकी फोटो यहां पर क्यों है?
इस वीडियो को कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी शेयर किया है। जिस पर लोगों ने कमेंट करके प्रतिक्रिया दी।
राहुल गांधी की इस वीडियो पर सोशल मीडिया पर लोगों ने तरह-तरह के कमेंट किए। एक यूजर ने लिखा- दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन आती है और राहुल गांधी को इतना भी नहीं पता कि होम मिनिस्ट अमित शाह है।
एक अन्य यूजर ने लिखा- नेहरू गांधी के लिए फोटो नहीं लगानी चाहिए, कोई भी व्यक्ति किसी को अपना आदर्श मान सकता है।
कमेंट में एक यूजर ने लिखा- भारत की नोट पर गांधी क्यो? उसे भी हटा दीजिये, गांधी के बिना भी नोट चल सकते है। बाबा साहेब की तस्वीर सरकारी स्कूलों में क्यों लगाई जाती है, उसे भी हटा दिजिए।
एक अन्य यूजर ने लिखा- गांधी परिवार ने पूरे देश में अपने नाम से एयरपोर्ट और पता नहीं क्या क्या चला रखा है, तो ये सब क्या गांधी परिवार की पर्सनल प्रॉपर्टी है क्या?
बता दें कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को साहिल के साथ दिल्ली के एक पुलिस थाने के बाहर धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने पुलिस से FIR दर्ज होने तक धरना जारी रखने की बात कही थी।
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित की शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने साहिल की मेडिकल रिपोर्ट और मामले से जुड़े अन्य दस्तावेज भी जुटाए हैं।
FIR दर्ज होने के बाद राहुल गांधी ने इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताया। उन्होंने कहा कि एक महीने बाद FIR दर्ज हुई है। साहिल के शरीर में अभी भी पैलेट फंसे हुए हैं और उसकी आंख में तीन पैलेट हैं। यह साफ है कि एक युवा के साथ अन्याय हुआ है।
राहुल गांधी ने बताया कि वह और साहिल सुबह करीब 11:30 बजे पुलिस थाने पहुंचे थे और करीब सात घंटे बाद शाम 6:30 बजे FIR दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि जब नई दिल्ली के बीचोंबीच स्थित पुलिस थाने में FIR दर्ज कराने में इतना समय लग रहा है, तो छोटे शहरों और गांवों के थानों में आम नागरिकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।