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Vande Mataram Controversy: कांग्रेस पर बरसे गिरिराज सिंह, बोले- जिन्ना के दबाव में बदला था वंदे मातरम, सनातन बिना भारत अधूरा

Giriraj Singh on Vande Mataram: वंदे मातरम विवाद पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि 1937 में जिन्ना के दबाव और वोट बैंक की राजनीति के चलते वंदे मातरम के स्वरूप में बदलाव किया गया।
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Aug 22, 2026
Giriraj Singh
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (IANS)

Vande Mataram Controversy: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को लेकर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 1937 में तुष्टिकरण की राजनीति और वोट बैंक की वजह से मोहम्मद अली जिन्ना के दबाव में आकर कांग्रेस ने 'वंदे मातरम' के मूल स्वरूप से समझौता किया था। इसके अलावा, उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के काम करने के तरीके और सोनिया गांधी पर भी सवाल उठाया।

1937 में जिन्ना के दबाव में बदला था वंदे मातरम - गिरिराज

'वंदे मातरम' के इतिहास का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो लोग सो रहे हैं उन्हें तो जगाया जा सकता है, लेकिन जो लोग जान-बूझकर सोने का नाटक कर रहे हैं, उन्हें कभी नहीं जगाया जा सकता। गिरिराज सिंह ने कहा की 1937 में वोट बैंक के लिए जिन्ना के दबाव में 'वंदे मातरम' के स्वरूप को बदल दिया गया था।

सनातन के बिना भारत की पहचान अधूरी- गिरिराज

गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के विकास के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक विरासत को भी आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की इस बात का जिक्र किया कि वंदे मातरम के सभी छह छंद गाए जाने चाहिए, सिर्फ दो नहीं, क्योंकि सनातन के बिना भारत की पहचान नहीं हो सकती।

बच्चों में जहर घोल रहे राहुल गांधी- गिरिराज

राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाने और बच्चों के मन में ज़हर भरने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 12 सालों में उनकी तरफ से एक भी पॉजिटिव बयान सुनने को नहीं मिली है। उन्होंने आगे कहा, "राहुल गांधी गहरी निराशा में हैं और अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए देश में विवाद खड़े करते रहते हैं।"

गिरिराज सिंह ने खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सिपाही और मंत्री बताते हुए कहा कि वे जहां भी जाते हैं, बच्चों से नौकरी मांगने वाले के बजाय नौकरी देने वाले बनने के बारे में सकारात्मक बातचीत करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी पक्षों की बात सुनने के बावजूद राहुल गांधी अपनी बात पर अड़े हुए हैं और जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।

राहुल गांधी के विदेश दौरे पर उठाए सवाल

राहुल गांधी के विदेश दौरों पर हुए खर्च पर सवाल उठाते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि इसका अनुमानित खर्च लगभग 60 करोड़ रुपये है, लेकिन अब तक इन फंड्स के स्रोत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

सोनिया गांधी पर भी उठाए सवाल

सोनिया गांधी की आने वाली आत्मकथा का जिक्र करते हुए और उनकी नागरिकता लेने में हुई देरी पर सवाल उठाते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि हमारे समाज में यह परंपरा है कि शादी और कन्यादान की रस्म के बाद बेटी तन, मन और आत्मा से अपने ससुराल वालों के परिवार का हिस्सा बन जाती है। गिरिराज सिंह ने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आता कि सोनिया गांधी ने शादी के पूरे 15 साल बाद भारतीय नागरिकता क्यों ली। कभी-कभी शंका होती है कि इस परिवार को भारत से प्रेम है या नफरत। अगर सोनिया गांधी आत्मकथा लिख ​​रही हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि उन्होंने उन 15 सालों के दौरान नागरिकता क्यों नहीं ली।

स्थानीय भाषा सीखने के लिए अतिरिक्त समय मिले

महाराष्ट्र में स्थानीय भाषा (मराठी) के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राज्य में रहने वाले उन लोगों का समर्थन किया जो स्थानीय भाषा सीख रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे इस बात के पक्षधर हैं कि लोग उस राज्य की भाषा सीखें जहां वे रहते हैं। उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि लोगों को भाषा सीखने के लिए कुछ अतिरिक्त समय दिया जाए, ताकि कोई भी पर्याप्त अवसर न मिलने की शिकायत न कर सके

Updated on:
22 Aug 2026 04:17 pm
Published on:
22 Aug 2026 04:15 pm